-पिछले चार दिनों से नगर निगम मुख्यालय में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं कर्मचारी, शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ी
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। नगर निगम सफाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। हड़ताल की वजह से शहर की सफाई व्यवस्था चौपट हो गई है। जगह-जगह गंदगी के ढ़ेर लग रहे हैं। बृहस्पतिवार को प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने नवयुग मार्केट स्थित नगर निगम मुख्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। सफाई कर्मचारियों की रैली की वजह से हापुड़ मार्ग पर लंबा जाम लग गया। काफी देर तक वाहन चालक जाम में फंसे रहे। सफाई कर्मचारी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। उधर, निगम अधिकारियों और हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के बीच वार्ता चल रही है। हड़ताली कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग सीएलसी पर रखे गये कर्मचारियों के पीएफ को लेकर है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनके खाते से पीएफ की रकम काटी जा रही है लेकिन पीएफ एकाउंट में पैसा नहीं जमा हो रहा है। नगर निगम द्वारा आरोपों की जांच की जा रही है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से नगर निगम मुख्यालय और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। सड़कों पर लगे जाम से निपटने के लिए अधिक संख्या में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई।
सफाई कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष संजय टांक ने बताया कि नगर निगम में तैनात सफाई कर्मचारियों की 8 सूत्रीय मांग है। वेतन बढ़ोत्तरी, पीएफ में जमा होने वाले फंड, कर्मचारियों को नियमित करने सहित कुछ अन्य प्रमुख मांगें हैं। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी। नगर निगम के सफाई कर्मचारी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। सफाई कर्मचारी नेता राहुल चौहान वाल्मीकि ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि सीएलसी कंपनी के माध्यम से नगर निगम में सफाई का कार्य कर रहे 2,400 सफाई कर्मचारी और निगम बोर्ड से स्वीकृत 2,760 सफाई कर्मचारियों की लगभग 10 करोड़ रुपए की पीएफ धनराशि उनके बैंक खाते में जमा कराई जाए और इन कर्मचारियों की स्थाई तैनाती की जाए। इसके अलावा नगर निगम में 3,600 सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जाए। कार्यवाहक सफाई नायकों को स्थाई सफाई नायक घोषित किया जाए। ठेके पर वाहनों को चलाने की व्यवस्था समाप्त हो और कूड़े से हो रही आय की 60 प्रतिशत धनराशि स्वीपर वेलफेयर फंड में जमा कराया जाए।
















