नवरात्रों में मिलावटखोरों की खैर नहीं: विनीत कुमार

-त्योहारी सीजन पर खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट, टीमें गठित

गाजियाबाद। शारदीय नवरात्र को देखते हुए मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। सहायक आयुक्त खाद्य विनीत कुमार ने त्योहारी सीजन में मिलावटी सामान के आने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मिलावटी सामान पर लगाम लगाए जाने के लिए सभी जिलों के लिए टीम भी गठित कर दी गई है। नवरात्रि में कुट्टू का आटा, सिंगाड़े का आटा और समा के चावल की बिक्री बढ़ जाती है। इस दौरान मिलावटखोरी भी की जाती है।

सहायक आयुक्त खाद्य विनीत कुमार का कहना है कि जिले में कहीं पर भी दुकानदार द्वारा मिलावटी कुट्टू का आटा बेचे जाने की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इसके लिए क्षेत्रवार टीमें गठित कर दी गई है। टीमें रोजाना निरीक्षण करेंगी। बाजार में मिलावटी कुट्टू का आटा बेचने को लेकर बड़े कुछ दुकानदारों ने पिछले साल के आटे को भी बिक्री के लिए छोटी-छोटी दुकानों पर भेजना शुरू कर दिया है। हालांकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में खाद्य सुरक्षा विभागों की टीमों ने पहुंचकर कुट्टू के आटे की बिक्री को लेकर कुछ दुकानों का निरीक्षण भी किया।

सहायक आयुक्त खाद्य विनीत कुमार ने बताया कि शारदीय नवरात्र शुरू हो गए हैं। ऐसे में मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी, साहिबाबाद और विजयनगर क्षेत्र में विशेष रूप से सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में कुट्टू के आटे के 27 सैंपल लेकर इनकी जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ को भेजे गए थे। इनमें से 11 नमूने फेल हुए हैं।जबकि चार नमूनों की रिपोर्ट में आटे को सेहत के लिए हानिकारक बताया गया है। आटा बिक्री करने वालों के खिलाफ सक्षम कोर्ट में वाद दायर किया गया है।

जिले में पिछले छह साल में विभाग द्वारा 23,271 निरीक्षण करते हुए 3856 खाद्य सामग्री के नमूने लेकर इनकी जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला में भेजे गए। इनमें से 1647 नमूने जांच रिपोर्ट में फेल पाए गए हैं। 1470 मिलावट खोरों के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर होने के बाद कोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए 6.82 करोड़ का जुर्माना लगाया है। शहर में पंजीकृत 28 हजार खाद्य सामग्री विक्रेताओं में से अधिकांश मिलावटी खाद्य सामग्री बेचकर लोगों की सेहत खराब कर रहे हैं। ऐसे में इन मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए विभाग द्वारा दुकानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। ताकि आटे में मिलावट खोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकें।