तख्तापलट के बाद म्यांमार में हिंसा, 12 की मौत

इमरजेंसी के बीच सेना की मुश्किलें और बढ़ीं

नई दिल्ली। म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद से हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। तख्तापलट के खिलाफ नागरिक निरंतर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। म्यांमार में शनिवार को हमले में 12 नागरिकों की मौत हो गई। इनमें 9 नागरिक और 3 पुलिस जवान शामिल हैं। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने आस-पास के क्षेत्र की घेराबंदी कर ली है। हमलावरों की तलाश हो रही है। म्यांमार के स्व-प्रशासित क्षेत्र के पूर्व प्रमुख निकाय सदस्य के काफिले पर सशस्त्र हमला होने की खबर मिली है। म्यांमार के कमांडर इन चीफ ऑफ डिफेंस सर्विस ऑफिस ने भी बयान जारी कर इस घटना की तस्दीक की है। बयान के मुताबिक म्यांमार के स्व-प्रशासित क्षेत्र के पूर्व प्रमुख निकाय सदस्य के काफिले पर शनिवार को अचानक सशस्त्र हमला कर दिया गया। इसमें 9 नागरिक और 3 पुलिस कर्मी जान गंवा बैठे। म्यांमार के कोकांग स्व-प्रशासित क्षेत्र के पूर्व केंद्रीय कार्यकारी समिति के सदस्य यू खिन माउंग लविन के नेतृत्व में काफिले पर म्यांमार नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस आर्मी के 20 सदस्यों के समूह ने राजधानी लश्किओ से लउकाई के रास्ते पर यह हमला किया। हमले में 8 नागरिक और 5 पुलिस कर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के अनुसार इस बीच सेना ने सशस्त्र समूहों के खिलाफ अपने अभियान की निलंबन अवधि 28 फरवरी तक बढ़ा दी है। म्यांमार में एक फरवरी को आंग सान सू की की सरकार के खिलाफ सैन्य तख्तापलट कर दिया गया था। इसके बाद से देश में अशांति का माहौल देखने को मिल रहा है। म्यांमार में तख्तापलट करने के बाद सेना ने एक साल के लिए इमरजेंसी की घोषणा कर दी थी। इसके अलावा देश में सोशल मीडिया को प्रतिबंधित कर दिया गया है। आंग सान सू की के समर्थन सेना के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे हैं।