-बाजार कीमत वाली भूमि को किया सुरक्षित, अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कड़ा संदेश
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने मंगलवार को अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करते हुए अलीगढ़ जिले के कई गांवों में लगभग 300 एकड़ भूमि को कब्जा मुक्त कराया। इस जमीन की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1200 करोड़ रुपये आंकी गई है। यीडा की इस कार्रवाई के पीछे मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश और जिलाधिकारी अलीगढ़ तथा एसएसपी अलीगढ़ के मार्गदर्शन में विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह का नेतृत्व रहा। अभियान के दौरान टप्पल, हामिदपुर और स्यारोल के गांवों में व्यापक अतिक्रमण ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। द ग्रैंड कॉलोनाइजर, वृंदावन कॉलोनी जैसी अवैध कॉलोनियों को पूरी तरह ध्वस्त किया गया। विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा अवैध अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने भोले भाले संपत्ति खरीदारों से सतर्क रहने और ऐसे अवैध प्रॉपर्टी डीलरों से दूर रहने की अपील की।
अभियान के दौरान प्राधिकरण के अन्य विशेष कार्याधिकारी शिव अवतार सिंह, अभिषेक शाही, कृष्ण गोपाल त्रिपाठी के साथ पुलिस क्षेत्राधिकारी महेश कुमार और यीडा के पुलिस क्षेत्राधिकारी धर्मेंद्र कुमार चौहान भी मौजूद रहे। टीम ने अवैध कॉलोनियों को चिन्हित कर ध्वस्त किया और कब्जा मुक्त भूमि को सुरक्षित बनाया। भविष्य में भी किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे और अतिक्रमण पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ऐसे अवैध कॉलोनाइजर्स और डीलरों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी, जिससे आम नागरिकों को संरक्षण और न्याय सुनिश्चित हो सके।
इस अभियान से यह संदेश भी स्पष्ट हुआ कि प्रशासन अवैध कब्जों और अतिक्रमण के मामलों में किसी को भी बख्शेगा नहीं। साथ ही स्थानीय लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और केवल वैध प्रॉपर्टी डीलरों से ही संपत्ति खरीदने की सलाह दी गई। यीडा की इस कार्रवाई से अलीगढ़ जिले में भूमि की सुरक्षा और कानूनी व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अभियान अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के मामलों में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं और भविष्य में निवेशकों के लिए भरोसेमंद वातावरण तैयार करते हैं। यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन और प्राधिकरण की संवेदनशीलता और तेजी को दर्शाती है, जो अवैध अतिक्रमण और भूमि हड़पने के मामलों को रोकने के लिए निरंतर सक्रिय है।

विशेष कार्याधिकारी
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण
टप्पल, हामिदपुर और स्यारोल के गांवों में अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के खिलाफ आज की गई कार्रवाई में लगभग 300 एकड़ अधिसूचित भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया है। इस भूमि की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1200 करोड़ रुपये है। द ग्रैंड कॉलोनाइजर और वृंदावन कॉलोनी जैसी अवैध कॉलोनियों को पूरी तरह ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई विशेष रूप से प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में हो रहे अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए की है। नागरिकों से अपील है कि वे ऐसे अवैध प्रॉपर्टी डीलरों से सावधान रहें और किसी भी अवैध कब्जे में भाग न लें। प्राधिकरण लगातार ऐसे अभियान जारी रखेगा और भविष्य में भी अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह हमारी प्रतिबद्धता है कि क्षेत्र की संपत्ति और अधिसूचित भूमि सुरक्षित रहे और किसी प्रकार का अवैध कब्जा न हो।
शैलेंद्र कुमार सिंह
विशेष कार्याधिकारी
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण

















