-पायलट प्रोजेक्ट से हानिकारक गैस का होगा निस्तारण, शहरवासियों को मिलेगा स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण
-ट्रिपल पी मॉडल पर कार्य करेगा प्लांट, नगर निगम को राजस्व और शहर को ऊर्जा के अनुकूल विकल्प का लाभ
– महापौर और नगर आयुक्त ने अधिकारियों की प्रशंसा की, सफलता के बाद अन्य एसटीपी प्लांट पर भी विस्तार की योजना
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वायु प्रदूषण और शहर में बढ़ती हानिकारक गैसों को नियंत्रित करने के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण और अभिनव पहल शुरू की है। डूंडाहेड़ा स्थित 70 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले एसटीपी प्लांट पर अब वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट के दौरान उत्पन्न होने वाली हानिकारक गैस को संग्रहित कर पर्यावरण अनुकूल बायो सीएनजी में परिवर्तित किया जाएगा। यह परियोजना नगर निगम के जलकल विभाग द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ की गई है और इसे पूरी तरह से आधुनिक तकनीकी मानकों के अनुसार विकसित किया जा रहा है। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में यह योजना तैयार की गई है। नगर आयुक्त ने बताया कि इस बायो सीएनजी प्लांट से न केवल मिथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी हानिकारक गैस का निस्तारण होगा, बल्कि इसे निगम के वाहनों और अन्य कार्यों में ऊर्जा स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इस पहल से नगर निगम को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद ने बताया कि यह पायलट प्रोजेक्ट पूरी तरह से निगम के व्यय रहित मॉडल पर कार्य करेगा। करदाई संस्था वी ए टेक वेबग लिमिटेड ट्रिपल पी मॉडल के तहत प्लांट का संचालन करेगी। इस तकनीकी प्रक्रिया में वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट के दौरान निकलने वाली हानिकारक गैस को संग्रहित कर बायो सीएनजी में बदला जाएगा, जिससे प्रतिदिन लगभग 1500 किलो बायो सीएनजी गैस का उत्पादन होगा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस कदम से एसटीपी से निकलने वाली हानिकारक गैस से शहर की हवा और वायु गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ रहा था। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए जलकल विभाग ने यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद इसे शहर के अन्य एसटीपी प्लांट पर भी लागू किया जाएगा। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम न केवल शहर के विकास कार्यों में बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जल और वायु गुणवत्ता सुधार में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह परियोजना गाजियाबाद के लिए एक मिसाल बनेगी।
नगर निगम के अन्य विभागों ने भी इस पहल में सहयोग किया है। उद्यान विभाग लगातार शहर में हरे-भरे और प्रदूषण कम करने वाले पौधारोपण कार्य कर रहा है, वहीं स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से पानी छिड़काव और स्वच्छता अभियान चला रहा है। इसके अलावा नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख मार्गों, एसटीपी और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है, ताकि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार बायो सीएनजी प्लांट से केवल हानिकारक गैस का निस्तारण ही नहीं होगा, बल्कि यह गाजियाबाद को ऊर्जा के स्थायी और पर्यावरण अनुकूल स्रोत की दिशा में अग्रसर करेगा। शहरवासियों को भी इस परियोजना से प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा क्योंकि हवा और वातावरण स्वच्छ रहेगा। नगर आयुक्त ने बताया कि यह परियोजना शहर के लिए एक बड़ी पहल है जो वायु गुणवत्ता सुधार, ऊर्जा संरक्षण और नगर निगम के राजस्व सृजन में योगदान करेगी। साथ ही यह अन्य नगरपालिकाओं और एसटीपी प्लांट संचालनकर्ताओं के लिए भी मार्गदर्शक साबित होगी। महापौर ने अधिकारियों से अपील की कि सभी विभाग पर्यावरण हित में समन्वय से कार्य करें और सुनिश्चित करें कि बायो सीएनजी प्लांट समय पर चालू हो और इसकी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो। इस योजना के सफल होने से गाजियाबाद शहर एक बार फिर पर्यावरण संवेदनशील और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा। इस परियोजना की सफलता से गाजियाबाद न केवल वायु प्रदूषण कम करने में अग्रणी होगा बल्कि अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

महापौर
नगर निगम गाजियाबाद।
नगर निगम पर्यावरण संरक्षण और वायु गुणवत्ता सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। डूंडाहेड़ा एसटीपी पर बायो सीएनजी प्लांट की स्थापना एक महत्वाकांक्षी और अभिनव पहल है, जिससे न केवल हानिकारक गैसों का निस्तारण होगा बल्कि शहर को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण भी मिलेगा। यह परियोजना शहरवासियों के स्वास्थ्य और पर्यावरण हित में एक बड़ा कदम है। मैं अधिकारियों को इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए बधाई देती हूँ और सभी नागरिकों से अपील करती हूँ कि वे इस मुहिम का सहयोग करें ताकि गाजियाबाद हर दृष्टि से स्वच्छ, हरा-भरा और जागरूक शहर बन सके।
सुनीता दयाल
महापौर

नगर आयुक्त
डूंडाहेड़ा 70 एमएलडी एसटीपी प्लांट पर शुरू किए जा रहे बायो सीएनजी पायलट प्रोजेक्ट से वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट के दौरान निकलने वाली हानिकारक गैसों को संग्रहित कर पर्यावरण अनुकूल गैस में बदला जाएगा। यह प्लांट ट्रिपल पी मॉडल पर कार्य करेगा और नगर निगम को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही इससे शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार आएगा। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे अन्य एसटीपी प्लांटों पर भी लागू किया जाएगा। हम सभी विभागों के समन्वय से यह सुनिश्चित करेंगे कि शहरवासियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिले और गाजियाबाद वायु प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण-संवेदनशील शहर के रूप में विकसित हो।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त
















