लूटपाट-चोरी के मामलों में लिप्त 11 बदमाश को एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने किया जिला बदर

गाजियाबाद। लूट, लूट का प्रयास एवं चोरी समेत अन्य मामलों में लिप्त 11 बदमाशों को गुंडा घोषित करते हुए 6 माह के लिए जिला बदर किया गया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर दिनेश कुमार पी ने न्यायालय में 18 व 19 जुलाई को उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970 के तहत सुनवाई करते हुए लूट, लूट का प्रयास, हत्या का प्रयास, गैंगस्टर, मादक पदार्थों की तस्करी, धोखाधड़ी, छेडख़ानी व मारपीट, जान से मारने की धमकी देना, गाली-गलौच, अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार करने आदि अपराधों में लिप्त 11 अभियुक्तों को गुंडा घोषित कर इन्हें पुलिस कमिश्नरेट की सीमा से 6 माह के लिए जिला बदर किया गया हैं। एडिशनल पुलिस कमिश्नर दिनेश कुमार पी ने बताया कि इन अभियुक्तों एवं गुंडों का आमजन में इतना भय व्याप्त है कि इनके खिलाफ कोई व्यक्ति एफआईआर दर्ज कराने व साक्ष्य देने का साहस नहीं जुटा पाता है।

जिला बदर किए गए इन बदमाशों में बोबी उर्फ रूपेश पुत्र कृपाल सिंह निवासी इंदिरा विहार खोड़ा,शिवम उर्फ भूपेंद्र कोरी पुत्र चंद्रकांत उर्फ विरेंद्र कोरी निवासी कमला क्वार्टर दौलतपुरा सिहानी गेट,संदीप यादव पुत्र स्वर्गीय नरेश यादव निवासी बहरामपुर, हुसैन पुत्र इंशाद निवासी ग्राम ढबारसी मसूरी, अंशुल उर्फ आशू ठाकुर उर्फ विजय पुत्र प्रवेश ठाकुर निवासी-170 जी न्यायखंड-3 इंदिरापुरम, वरुण उर्फ खड़कू पुत्र चंद्रपाल निवासी गांव सारा निवाड़ी,हसरत पुत्र तौसीफ निवासी इंद्रगढ़ी मसूरी, यदुवेंद्र उर्फ जंगली फौजी पुत्र रामकिशन निवासी गांव सुराना, मुरादनगर, शाहरूख पुत्र निसार निवासी ए ब्लॉक शहीदनगर साहिबाबाद,मोबीन पुत्र मोहम्मद साबिर निवासी ए-36 शहीदनगर साहिबाबाद, अनस मलिक पुत्र नसरूद्दीन निवासी ईदगाह के पास शहीदनगर साहिबाबाद शामिल है।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जनपद में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद अब तक कुल 242 अभियुक्तों को गुंडा घोषित कर जिले की सीमाओं से 6 माह के लिए जिला बदर किया जा चुका हैं। जबकि 9 अभियुक्तों को स्थानीय थाने में हाजिरी देने के लिए आदेश दिए गए हैं।