स्वच्छता सर्वेक्षण-2021: नगर निगम की अग्निपरीक्षा आरंभ

-सर्वेक्षण में इस बार होगी 6000 अंकों की परीक्षा

गाजियाबाद। गाजियाबाद शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में अव्वल रैंकिंग दिलाने के लिए नगर निगम की अग्निपरीक्षा आरंभ हो गई है। स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार 6000 अंक की परीक्षा होगी। इसमें शहर को कितना स्वच्छ एवं सुंदर बनाया गया, कूड़ा निस्तारण, नालों की सफाई, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन से लेकर सिटीजन फीडबैक और नुक्कड़ नाटक आदि को शामिल कर केंद्रीय शहरी आवासन मंत्रालय की टीमें शहर में स्वच्छता का सर्वे कर रही हैं। हालांकि नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम बनाई है। यह टीम शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण के चलते कूड़ा निस्तारण से लेकर सुंदरता एवं साफ-सफाई व्यवस्था का सभी पांचों जोन अंतर्गत नजर रख रही है। पहले के सापेक्ष रहन-सहन के लिहाज से हवा में सुधार आया है। नगर निगम के लिए अब स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में अव्वल रैंकिंग लाना बड़ी चुनौती दिख रहा है। नगर निगम अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की ओर से स्वच्छता में अव्वल रैंकिंग लाने हेतु ताकत झोंकना शुरू कर दिया है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी आवास मंत्रालय द्वारा चयनित की गई टीमों द्वारा शहर में गुपचुप तरीके से सर्वे किया जा रहा है। वहीं, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में भी अलग-अलग टीमें सर्वे कर रही हैं। इस सप्ताह और इन टीमों द्वारा शहर का सर्वे किया जाएगा। सर्वे में लोगों से फीडबैक भी लेगी। केंद्रीय टीम का यह सर्वे शहर में रेमीडेशन यानि कि नालों की साफ-सफाई से लेकर कूड़ा डलावघर, घर-घर से कूड़ा कलेक्शन, कूड़ा सेग्रीग्रेशन, सार्वजनिक स्थलों पर डस्टबिन लगाए गए या नहीं के अलावा पार्कों में साफ-सफाई और कूड़ा कचरे का निस्तारण के अलावा पार्कों में कूड़ा एकत्र कर उसका कैसे प्रयोग करना आदि बिंदुओं पर सर्वे करेगी। स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी अरूण कुमार मिश्रा ने बताया कि टीमों द्वारा शहर में सर्वे किया जा रहा है, लेकिन यह सर्वे नगर निगम अधिकारियों की बगैर मौजूदगी में किया जा रहा है। निगम द्वारा शहर में लगातार सफाई व्यवस्था से लेकर घरों से निकलने वाले कूड़े का बेहतर तरीके से निस्तारण किया जा रहा हैं। यह सर्वे 6000 अंक का होगा। सर्वे पूरा होने के बाद सर्वे में शामिल किए गए कंपोनेंट के आधार पर स्वच्छता की रैंकिंग निर्धारित होगी। उम्मीद है कि इस बार शहर की प्रदेश में अव्वल रैंकिंग आएगी। जबकि देश में पिछले साल से अव्वल रैंकिंग हासिल करेंगे।