निजी अस्पतालों की जांच के लिए ऑडिट टीम गठित
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के कारण संक्रमित लोगों के उपचार के लिए प्रशासन ने पूर्व में सभी प्राईवेट अस्पताल प्रबंधकों को निर्देशित किया था कि वह कोरोना काल महामारी के दौरान अस्पताल में आने वाले संक्रमित मरीजों से शासन द्वारा निर्धारित दरों से अधिक धन की वसूली न करें, मगर जिला प्रशासन के समक्ष अभी भी संक्रमित नागरिकों के परिजनों द्वारा कतिपय शिकायतें की जा रहीं हैं कि अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित व्यक्ति के उपचार के लिए अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के तिमारदार, परिजन से शासन द्वारा निर्धारित दरों से अधिक की वसूली की है। अस्पताल प्रबंधन ने उनके अस्पताल में भर्ती मरीज के उपचार के लिए उसके तिमारदार, परिजन पर दबाव बनाकर अवैध रूप से धन वसूली की है। शिकायत को जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस प्रकार के प्रकरणों की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए जिलाधिकारी ने एक ऑडिट कमेटी का गठन करने के आदेश दिए हैं, जिसमें एक राजस्व विभाग के मजिस्टे्रट, मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा नामित अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं लेखा विभाग के लेखा एवं वित्त अधिकारी को रखा गया है। यह जांच समिति इस प्रकार के प्रकरणों जहां अस्पताल ने लोगों से अधिक धन वसूली की है, का संज्ञान लेकर प्राईवेट अस्पतालों में मरीजों के रैंडम बिलों का ऑडिट करेगी और अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रेषित करेगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में अस्पताल प्रबंधन द्वारा कोविड काल के दौरान कोविड संक्रमित व्यक्ति से उसके उपचार के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक पैसा वसूला गया है, तो संबंधित अस्पताल प्रबंधन के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाएगी।
















