कोरोना काल में गृहकर की वृद्धि औचित्यहीन: राजदेव त्यागी

-Ghaziabad Chemist Association ने मांगों को लेकर निगम अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

गाजियाबाद। Ghaziabad Chemist Association ने विभिन्न मांगों के संबंध में नगरायुक्त को संबोधित ज्ञापन मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजीव सिन्हा को सौंपा। ज्ञापन में कोरोना काल में गृहकर की दरों में वृद्धि न करने की अपील की गई है। संस्था के अध्यक्ष राजदेव त्यागी ने कहा है कि नगर निगम ने विरोध के बावजूद गत एक जून को गृहकर में 15 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। यह कतई उचित नहीं है। कोरोना संक्रमण के कारण नागरिक पहले से परेशान हैं। ऐसे में गृहकर में वृद्धि अनुचित कदम है। नगर निगम सभी वार्ड में एक जैसी सुविधा प्रदान करता है और सभी वार्ड को बराबर धनरााशि (बजट) आवंटित करता है। जो कि अलग-अलग दर से निर्धारित करना उचित नही है। नगर निगम द्वारा निर्धारण कर प्रणाली 13 जुलाई 2001 को ही लागू कर दी गई थी। उसमें श्रेणी की जगह सड़क को आधार बनाया गया था। शासन द्वारा पारित नियमावली का इसमें पूरा पालन नही किया गयाख् जिसमें यह नियम है कि भवन के सामने यदि कोई भू-स्वामी हरित पट्टी करता है तो उसको दो प्रतिशत अतिरिक्त छूट प्रदान की जाएगी। कर नियमावली 2001 नगर निगम में पूर्णतया लागू है औैर सेक्टर दर के आधार पर इस नियमावली के अनुसार अधिनियम पूर्णतया लागू नही है।

इसमें करो में वह छूट प्रदान नही की गई, जो नियम अनुुसार पुराने भवनों के छूट में प्रदान की जाती थी। आवासीय क्षेत्रों में बड़ी सख्यां में ऐसे दुकानें है जो पानीे का पानी आदि उपयोग नही करते है। उनसे सिर्फ संंपत्ति कर ही लिया जाए। छोटे दुकानदार जिनका एरिया 120 वर्ग में नाई, परच्यून का कार्य, कन्फैक्शनरी, टैलीफोन बूथ आदि का काम करते है। उनसे आवासीय कर लेने का प्रावधान है, जिसका पालन नही किया गया। इस मौके पर महासचिव आर पचौरी, संंदीप गर्ग, अमित बंसल, यशवनी कुमार गोयल, अनिल गुप्ता, मनीष गर्ग, संजीव शर्मा, तुषार अरोड़ा, आलोक त्यागी, साजिद खान, पंकज गर्ग, शैलेश सैनी सहित आदि व्यापारी उपस्थित रहे।