-श्री बांके बिहारी सेवा समिति द्वारा धूमधाम से मनाया गया 11वां स्थापना दिवस
-हजारों भक्तों ने शिव मंदिर में पहुंचकर दी यज्ञ में आहुति
गाजियाबाद। साहिबाबाद गांव में प्राचीन श्री सनातन धर्म शिव मंदिर के 40वें स्थापना दिवस पर रविवार को हवन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। श्री बांके बिहारी सेवा समिति (रजि.) द्वारा 11वां विशाल भंडारे एवं हवन का आयोजन किया गया।
समिति के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के मेरठ मंडल खण्ड मंत्री एवं प्रांतीय सह-सचिव सिद्धार्थ कौशिक के नेतृत्व में विशाल भंडारे एवं हवन का आयोजन किया गया। भंडारे का शुभारंभ सिद्धार्थ कौशिक ने किया। मेरठ मंडल खण्ड मंत्री एवं प्रांतीय सह-सचिव सिद्धार्थ कौशिक ने बताया सुबह हवन में परिवार एवं गांव के गणमान्य सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर यज्ञ में आहूति दी। इसके उपरांत मंदिर परिसर के बाहर भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। उन्होने बताया 30 अप्रैल 1983 को मंदिर का निर्माण हुआ था।

समिति एवं गांव के गणमान्य लोगों के सहयोग से फरवरी 2014 को श्री सनातन धर्म शिव मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया था। जिसके बाद से ही समिति द्वारा लगातार हर वर्ष भंडारा एवं हवन का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया पूर्व में मंदिर की स्थिति काफी दयनीय थी। जिसके बाद समिति ने श्रद्धालुओं की श्रद्धा को देखते हुए मंदिर का जीर्णोद्धार किया। मंदिर में गांव के हजारों श्रद्धालु पूजा करने के लिए आते है। मंदिर की देखरेख वह समिति द्वारा की जाती है।
सिद्धार्थ कौशिक ने बताया भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए बड़ी तादाद में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
खासकर जब महाशिवरात्रि जैसा दिन हो तो शिवालयों में भक्तों का रेला उमड़ पड़ता है। गांव के ऐसे ही शिवालयों की बात होगी जिनमें भोलेनाथ के भक्तों की अगाध श्रद्धा है। भक्त आशीर्वाद लेने के लिए भगवान कणदेव को दूध, दही और देशी घी देते हैं और अपनी इच्छाओं एवं मनोकामना को पूरा करने के लिए प्रार्थना करते हैं। यह प्राचीन मंदिर है जो गांववासियों की श्रद्धां को याद दिलाती है। मंदिर के पंडित मुकेश शर्मा, ओमवीर शर्मा, सतेन्द्र कौशिक, देवदत्त कौशिक, श्रृद्धानंद कौशिक, कुलदीप, हरिनदंन मिश्रा, शीतल मिश्रा, आशुतोष, सतेन्द्र शर्मा, दयवीर, गौरव शर्मा, विनेश कौशिक, श्याम दत्त कौशिक, वासुदेव समेत हजारों श्रृद्धांलुओं ने पहुंचकर यज्ञ में आहूति एवं प्रसाद ग्रहण किया।
















