-एडिशनल पुलिस कमिश्नर दिनेश कुमार पी. ने विभिन्न बिंदुओं पर बनाया प्लान
-दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और एनएच-9 के पास शिविर न लगाने के निर्देश
-कांवड़ यात्रा के दौरान 30 एंबुलेंस के अलावा एनएचएआई की अतिरिक्त एंबुलेंस रहेगी मुस्तैद
-कावंडिय़ों की सुरक्षा के लिए 3 कंट्रोल रूम व एक टै्रफिक कंट्रोल रूम होगा स्थापित
गाजियाबाद। श्रावण मास कांवड़ यात्रा गाजियाबाद समेत अन्य जनपदों से निकलने वाली यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ-साथ कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बुलंदशहर, बा
बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले प्रमुख बिंदुओं एवं प्रमुख मार्गों पर किए जाने वाले रूट डायवर्जन के बारे में एलईडी स्क्रीन पर पीपीटी के माध्यम से अवगत कराया गया। मार्गों पर कांवडिय़ों के आवागमन को देखते हुए हल्के व बाहरी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों के बारे में जानकारी साझा की गई। आपात स्थिति से निपटने को लेकर कार्ययोजना पर विचार किया गया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और एनएच-9 के पास शिविर न लगाए जाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा को परंपरागत मार्गों से ही निकाले जाने के निर्देश दिए गए। कांवड़ यात्रा के दौरान 30 एंबुलेंस के अलावा एनएचएआई द्वारा अतिरिक्त एंबुलेंस लगाई जाएगी। 3 कंट्रोल रूम व एक ट्रैफिक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।
वाहनों के डायवर्जन के संबंध में अवगत कराने और संकेत चिन्ह युक्त बोर्ड लगाए जाएंगे। डायवर्जन के संबंध में समय-समय पर संबंधित राज्यों व जनपदों की पुलिस द्वारा मीडिया के माध्यम से ट्रैफिक एडवाइजरी जारी किए जाने के संबंध में सभी को अवगत कराया गया। व्यापार मंडल, उद्यमियों, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, मेडिकल एसोसिएशन, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, रोडवेज एआरएम आदि के साथ समन्वय बैठक कर कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा में बाधा उत्पन्न करने वालों से सख्ती से निपटने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। रूट डायवर्जन के लिए पीए सिस्टम का प्रयोग किया जाए।

















