कोरोना पर काबू, नाईट कफ्र्यू का सख्ती से कराएं पालन: सुरेश खन्ना

-कोरोना संक्रमण के दौरान अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर की न हो कमी: डीएम

-डीएम ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ की बैठक

-प्रशासन के डमी कस्टमर रोकेंगे रेमिडिसिविर की कालाबाजारी

गाजियाबाद। जिले में कोरोना संक्रमण के फैलने और बढ़ते मामलों के चलते कोरोना पर काबू पाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार की शाम को जिले में पहुंचे वित्त एवं जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय एवं एसएसपी अमित पाठक का निर्देश दिए कि कोरोना पर काबू पाने के लिए नाईट कफ्र्यू का सख्ती से पालन कराया जाए। वहीं,जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना पुराना बस अड्डा स्थित संतोष अस्पताल कोविड अस्पताल में पहुंंचे। उन्होंने फोन पर मरीजों का हाल जाना। इस दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग,जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय,एसएसपी अमित पाठक, सीएमओ डॉ.एनके गुप्ता आदि अधिकारियों के साथ फोन पर मरीजों से जानकारी ली। इसके बाद जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना सेक्टर-23 संजयनगर स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय में निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। वहां पर कोविड एल-2 अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल में भर्ती मरीजों से इलाज के बारे में जानकारी ली। बता दें कि दिल्ली के बाद गाजियाबाद में 17 अपै्रल की रात तक रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने रात का कफ्र्यू लागू कर दिया हैं। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने शुक्रवार को कोविड कंट्रोल रूम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर समीक्षा की। इस बीच मैसर्स आईनोक्स एयर प्रोडक्ट प्रा.लि. के पदाधिकारियों के साथ ऑक्सीजन सिलेंडरों की सप्लाई के संबंध में समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि जनपद में बढ़ते कोरोना संक्रमण के दौरान किसी भी स्तर पर कहीं भी ऑक्सीजन सिलेंडरों की कमी न होने पाए। उन्होंने बताया कि मोदीनगर में स्थापित आईनोक्स प्रा.लि. से वर्तमान में ऑक्सीजन सिलेंडरों की सप्लाई की जा रही है। 30 प्रतिशत ऑक्सीजन सिलेंडरों की खपत गाजियाबाद के विभिन्न अस्पतालों में है। शेष 70 प्रतिशत ऑक्सीजन सिलेंडरों को प्रदेश के अन्य जनपदों में भेजा जा रहा है। डीएम ने क्षमता के अनुरूप प्लांट का संचालन करने के निर्देश दिए। इसके अलावा रेमिडेसिवीर इंजेक्शन को निर्धारित मूल्य पर बेचने के निर्देश दिए गए। इसकी जांच के लिए मेडिकल स्टोरों पर जांच-पड़ताल कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना काल के दौरान जिले में ऑक्सीजन की उपलब्धता रखी जाए। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए रेमिडिसिविर कारगर दवा है और गंभीर स्थिति में इसका प्रयोग जरूरी हो जाता है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी मेडिकल स्टोर पर प्रशासन की ओर से डमी कस्टमर भेजे जाएंगे और जिस मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा रेमिडिसिविर इंजेक्शन के निर्धारित दर से अधिक चार्ज किया, उसका लाइसेंस निरस्तीकरण करने की कार्यवाही की जाएगी। डिकाय कस्टमर भेजे जाएंगे। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित मेडिकल स्टोर संचालक का लाईसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. एन.के. गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), नोडल अधिकारी डॉ. आर.के. गुप्ता आदि मौजूद रहे।