ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों पर हो सख्ती: डीएम

-जन-सुनवाई पर मिली शिकायत का डीएम ने लिया संज्ञान, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण

गाजियाबाद। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय को शुक्रवार को जन-सुनवाई के दौरान शिकायत मिली कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर यातायात व्यवस्था सुदृढ़ नहीं है। इस पर डीएम स्वयं मौके से तुरंत उठे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के निरीक्षण को निकल पड़े। इस दौरान उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को भी मौके पर ही बुला लिया। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे परियोजना के प्रथम एवं तृतीय खंड (दिल्ली-निजामुद्दीन से दिल्ली-यूपी गेट तक एवं डासना से हापुड़ बाईपास तक का निर्माण कार्य तथा शेष द्वितीय एवं चतुर्थ खंड (दिल्ली-यूपी गेट से डासना तक एवं डासना से मेरठ तक) का निर्माण कार्य मार्च 2021 माह के अंत तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित था, जिसे निर्धारित अवधि के अंदर सकुशल पूर्ण कराया गया है। एक्सप्रेस-वे पर कतिपय समस्याएं भी आ रहीं हैं। जैसे लोगों द्वारा ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करना, वाहनों की ओवर स्पीड इत्यादि जिससे एक्सीडेंट होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके संबंध में डीएम ने एनएचएआई एवं पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि वह वाहन चलाते हुए नियमों की अनदेखी के संबंध में एक्सप्रेस-वे पर जगह-जगह एसडीआई डिवाईस (स्पीड डिडक्शन इनफोर्समेंट) उपकरण लगवाएं तथा ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही किए जाने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा डीएम ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर जगह-जगह पौधरोपड़ कराए जाने एवं परियोजना के निर्माण कार्य से प्रभावित स्थानीय निकाय व लोक निर्माण विभाग के मार्गों, अंडरपास का सौंदर्यीकरण कार्य कराने के भी निर्देश दिए। डीएम के संज्ञान में यह भी आया है कि स्थानीय नागरिकों द्वारा बाउंड्री वाल आदि को क्षति पहुंचाई जा रही है और निर्माण कार्य में अवरोध भी उत्पन्न किया जा रहा है। इस संबंध में डीएम ने उप जिलाधिकारी एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को यथाशीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को इस मार्ग पर रात्रि समय के दौरान समुचित पेट्रोलिंग व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा है कि इस मार्ग पर टू व्हीलर, थ्री व्हीलर, ऑटो आदि का भी आगमन हो रहा है, जिसे नियमानुसार रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अनाधिकृत स्थानों पर ऑटो एवं बस आदि खड़े करने के संबंध में भी रोकने के निर्देश दिए हैं ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन सुगमतापूर्वक संचालित होता रहे।