रितु माहेश्वरी को मिलेगी यह बड़ी जिम्मेदारी, जानिए यूपी के किन अफसरों को कहां मिलेगी नई तैनाती

उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार देर रात तक सूबे में 3 दर्जन आईएएस अधिकारियों का स्थानांतरण संभव है। तबादला सूची भी तैयार हो चुकी है। इस सूची पर अंतिम मुहर लगना बाकी है। नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। उन्हें मेरठ मंडल आयुक्त का दायित्व सौंपे जाने की संभावना है। गाजियाबाद के डीएम राकेश कुमार सिंह को लखनऊ में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चाएं हैं। सीनियर आईएएस कौशल राज शर्मा को नोएडा प्राधिकरण के सीईओ की जिम्मेदारी मिल सकती है। प्रदेश सरकार में सूचना निदेशक के पद पर तैनात शिशिर सिंह को गाजियाबाद का डीएम बनाए जाने की चर्चा है। गाजियाबाद के डीएम के लिए अभिषेक सिंह के नाम की भी चर्चा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना और गाजियाबाद प्राधिकरण के कई अधिकारियों के तबादले होंगे।

उदय भूमि ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर तबादला एक्सप्रेस चलने को तैयार है। सूबे में शुक्रवार की रात तक 3 दर्जन आईएएस के तबादले होने की प्रबल संभावना है। स्थानांतरण की जद में गाजियाबाद एवं नोएडा जनपद के आधा दर्जन से अधिक आईएएस आ सकते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के भरोसेमंद प्रशासनिक सूत्रों की माने तो नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है। उन्हें मेरठ मंडल के कमिश्नर (आयुक्त) का दायित्व सौंपा जा सकता है। इसके अलावा गाजियाबाद के डीएम राकेश कुमार सिंह को लखनऊ में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चाएं हैं। सीनियर आईएएस कौशल राज शर्मा को नोएडा प्राधिकरण के सीईओ की जिम्मेदारी मिल सकती है। कौशल राज वर्तमान में वाराणसी के डीएम है। प्रदेश सरकार में सूचना निदेशक के पद पर तैनात शिशिर सिंह को गाजियाबाद का डीएम बनाए जाने की चर्चा है। गाजियाबाद के डीएम के लिए अभिषेक सिंह के नाम की भी चर्चा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना और गाजियाबाद प्राधिकरण के कई अधिकारियों के तबादले होंगे।

योगी सरकार 2.0 में आईएएस और आईपीएस के निरंतर तबादले हो रहे हैं। कानून एवं प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार लाने, प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स को ससमय पूर्ण करने, सरकार द्वारा संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभार्थियों को लाभ पहुंचने के मकसद से यूपी में एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी है। उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार देर रात तक सूबे में 3 दर्जन आईएएस अधिकारियों का स्थानांतरण संभव है। तबादला सूची भी तैयार हो चुकी है। इस सूची पर अंतिम मुहर लगना बाकी है।

सूत्रों ने बताया कि गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में तैनात आधा दर्जन से अधिक आईएएस का नाम तबादला सूची में है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और नोएडा विकास प्राधिकरण में भी प्रशासनिक रद्दोबदल की पूरी संभावना जाहिर की गई है। सूत्र बताते हैं कि नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। उन्हें मेरठ मंडल आयुक्त का दायित्व सौंपे जाने की संभावना जाहिर की गई है। वरिष्ठ आईएएस रितु माहेश्वरी बेहद काबिल, तेज-तर्रार और ईमानदार अधिकारी हैं। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के तौर पर वह काफी सफल रही हैं। प्राधिकरण में काम-काज को सुधारने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन में उन्होंने अह्म भूमिका निभाई है। बिल्डरों की मनमानी रोकने और आवंटियों को राहत दिलाने की दिशा में भी उन्होंने निरंतर कार्य किया है। गाजियाबाद में डीएम और जीडीए उपाध्यक्ष का चार्ज भी वह बखूवी संभाल चुकी हैं। गाजियाबाद में तैनाती के दौरान रितु माहेश्वरी के कार्य की हमेशा प्रशंसा होती रही। उधर, सूत्रों की माने तो गाजियाबाद के जिलाधिकारी आरके सिंह को भी लखनऊ में बड़ी जिम्मेदारी मिलने जा रही है। गाजियाबाद से स्थानांतरित कर उन्हें लखनऊ बुलाया जा सकता है। जबकि सूचना निदेशक शिशिर सिंह को गाजियाबाद का डीएम बनाया जा सकता है। शिशिर सिंह की गिनती उत्तर प्रदेश सरकार के काबिल अधिकारियों में होती है। संभावित तबादलों क्रम में को नोएडा प्राधिकरण के सीईओ का दायित्व कौशल राज शर्मा को मिल सकता है। वह फिलहाल बनारस के डीएम हैं। इसी प्रकार मेरठ के मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में स्थाई तौर पर सीईओ का चार्ज मिलने की संभावना है। वर्तमान में सुरेंद्र सिंह के पास मेरठ मंडल के कमिश्नर के साथ अभी वह ग्रेनो प्राधिकरण में सीईओ की अस्थाई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अस्थाई प्रभार संभालने के तुरंत बाद सुरेंद्र सिंह एक्शन मोड में देखे गए हैं। वहीं, यूपी में आईएएस के संभावित तबादलों की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि भले ही नहीं हुई है, मगर लखनऊ में चर्चाओं का बाजार गरम है।