महायोजना-2031 के तहत सर्वे का काम पूरा

-केंद्र सरकार की एजेंसी तैयार कर रही मास्टर प्लान

गाजियाबाद। महायोजना-2031 के मास्टर प्लान के मद्देनजर सर्वे का काम निपट गया है। मास्टर प्लान-2031 में डासना और दुहाई के अलावा लोनी क्षेत्र पर ध्यान दिया गया है। इससे इस क्षेत्र में भविष्य में काफी बदलाव आएगा। केंद्र सरकार की कंसलटेंट एजेंसी डीडीएफ द्वारा यह मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। एजेंसी ने महायोजना के तहत मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी व गाजियाबाद का धरातल पर सर्वे पूरा कर लिया है। 24 बिंंदुओं पर सर्वे किया गया है। महायोजना में डासना और दुहाई क्षेत्र पर फोकस किया गया हैं। इसमें प्रत्येक घर की एक यूनिक आईडी होगी। संपत्ति की डिजिटल पहचान होगी। घर बैठे संपत्ति का उपयोग और ब्योरा पता किया जा सकेगा। जियोग्राफिक इंर्फोमेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित केंद्रीयकृत मास्टर प्लान-2031 के जरिए शहर का सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो सकेगा। ग्राउंड सर्वे के आधार पर मास्टर प्लान का मूल नक्शा (बेसिक मैप) तैयार किया जाएगा। डासना और दुहाई के पास वेयरहाउस व लॉजिस्टिक पार्क के साथ इंटर स्टेट टर्मिनल को लेकर मंथन जारी हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल,ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल कॉरिडोर के बराबर में आवासीय,व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र को शामिल किया गया है। दुहाई के पास ट्रांसपोर्टनगर के विकास पर मंथन जारी है। जीडीए के सीएटीपी आशीष शिवपुरी ने बताया कि बेसिक मैप में सभी राजमार्ग,शहर की सड़कें सहित 24 बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। व्यावसायिक क्षेत्र,उप-नगरीय वाणिज्यिक,थोक वाणिज्यिक केंद्र,हल्का व लघु उद्योग,सरकारी कार्यालय, सामुदायिक सुविधाएं, संस्थागत क्षेत्र,ग्रीन बैल्ट,मनोरंजन, पार्क,खेल मैदान,सिटी फॉरेस्ट,नदी संरक्षित क्षेत्र,बस अड्डा, ट्रांसपोर्टनगर, सीवरेज, अस्पताल,जल शोधन संयत्र व सॉलिड वेस्ट निस्तारण स्थल,कृषि क्षेत्र, कब्रिस्तान-श्मशान, रेलवे भूमि, अनाधिकृत कॉलोनियां, हाईटेक सिटी व नगरीय विस्तार क्षेत्र, औद्योगिक विकास क्षेत्र, नगर निगम सीमा क्षेत्र आदि शामिल किए जाएंगे। बताया कि महायोजना-2031 के तहत मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी व गाजियाबाद का ग्राउंड सर्वे पूरा हो गया है। रिपोर्ट के आधार पर बेसिक में तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई हैं। महायोजना में प्रत्येक आवासीय व व्यावसायिक संपति की एक यूनिट आईडी होगी। यूनिक आईडी उस संपति की डिजिटल पहचान होगी। इसी आईडी की मदद से लोग घर बैठे ऑनलाइन संपतियों का भू-उपयोग सहित अन्य ब्यौरा देख सकेंगे। नए मास्टर प्लान में जमीन का दायरा बढऩा तय है। 2021 के मास्टर प्लान में 470 वर्ग किलोमीटर जमीन को लिया गया था। डासना क्षेत्र के शामिल होने से करीब 50 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि होगी। मास्टर प्लान तैयार होने के बाद जीडीए द्वारा इसका जोनल प्लान तैयार कराया जाएगा।