जिले में बाहरी पशुओं पर रहे पूर्ण प्रतिबंध: राकेश कुमार सिंह

-लंपी रोग के सूचना आदान-प्रदान के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम में पशु चिकित्सा अधिकारी रहें सजग

गाजियाबाद। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन समीक्षा समिति एवं लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) की रोकथाम के संबंध में कलेक्ट्रेट के महात्मा गांधी सभागार में महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सर्वप्रथम मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ महेश कुमार ने बताया कि जनपद में लगभग 1 लाख 2 हजार पशु हैं तथा जनपद में संचालित गौशालाओं की संख्या 22 है। उन्होंने पशुपालन विभाग में कार्यरत कर्मियों तथा जनपद में बनाए गए एपिसेंटर, आइसोलेशन सेंटर, कंट्रोल रूम तथा लंपी रोग के संबंध में जनपद में की जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैक्सीनेशन एवं सैनिटाइजेशन का कार्य जनपद में युद्ध स्तर पर चल रहा है। कंट्रोल रूम में तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। रोग से रोकथाम के लिए 10 टीमें गठित कर दी गई हैं और लक्षण युक्त पशुओं का उपचार जारी है।

जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि यह बीमारी एक संक्रामक बीमारी है तथा कोविड-19 समान ही यह वायरस के द्वारा फैलती है। इसमें पशु मृत्यु दर एक से दो पर्सेंट है तथा जनपद में अभी केसों की संख्या कम है इसकी रोकथाम के लिए अभी से युद्ध स्तर पर कार्य करना होगा। ताकि इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकें। उन्होंने निर्देशित किया कि कोई भी निराश्रित एवं छुट्टा गोवंश संचालित गौशालाओं में संरक्षित नहीं किया जाए अगर कोई छुट्टा पशु जो लक्षण युक्त है उसे जनपद में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर में ही संरक्षित किया जाए ताकि अन्य पशु सुरक्षित रहें।

जिलाधिकारी ने बताया कि यह रोग मक्खी मच्छर तथा मानव के द्वारा भी फैलता है। मच्छर मक्खी से बचाव के लिए प्रत्येक ग्राम एवं शहर या कस्बों में फॉगिंग का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए तथा सैनिटाइजर का प्रयोग भी प्रत्येक दशा में किया जाए। लक्षण युक्त पशुओं के गोबर, मूत्र एवं लार का डिस्पोजल यथाशीघ्र किया जाए तथा गोबर को किसी गड्ढे में दबा दिया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि एपिसेंटर के 500 मीटर तक के रेडियस में जितने भी पशु प्रभावित हैं उनके गोबर, मूत्र आदि का समुचित निस्तारण करवा लिया जाए एवं फॉगिंग और सैनिटाइजर कराया जाना सुनिश्चित कराया जाए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि लंपी रोग लक्षण तथा उसकी रोकथाम के लिए प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दें। समस्त ग्राम प्रधान अपने अपने गांव में इस रोग के विषय में लोगों को जागरूक करें।

प्राइवेट गौशालाओं में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाए। पुलिस प्रशासन भी यह सुनिश्चित करें जनपद से बाहर का कोई भी पशु जनपद में प्रवेश नहीं करें। लंपी स्किन डिजीज से प्रभावित गोवंश के लिए प्रत्येक विकास खंड स्तर एवं नगर निगम गाजियाबाद के क्षेत्र में 1-1 डेडिकेटेड गो आश्रय स्थल बनाने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जनपद के समस्त गोवंशों में लंपी स्किन डिजीज की रोकथाम के लिए टीकाकरण की समीक्षा की गई जिसमें उन्होंने पाया कि जनपद के लगभग 75 प्रतिशत गोवंशों में लंपी स्किन डिजीज की रोकथाम के लिए टीकाकरण किया जा चुका है। इस मौके पर सहायक महाप्रबंधक नाबार्ड सीके गौतम, उप प्रभागीय वन अधिकारी आशुतोष पाण्डेय, एएमए जिला पंचायत अशरफ अली, जिला पंचायत राज अधिकारी प्रदीप द्विवेदी, जिला उद्यान अधिकारी निधि, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त पशु चिकित्साधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी गण मौजूद रहे।