देश में ब्लैक आउट का खतरा, ऊर्जा मंत्रालय सतर्क

कोयला आपूर्ति में बाधा से बिजली उत्पादन पर बुरा असर

नई दिल्ली। देश के कुछ राज्यों में ब्लैक आउट की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है। इसकी वजह एकाएक कोयला संकट का बढ़ना है। कोयले की जबरदस्त कमी ने ऊर्जा मंत्रालय तक की बेचैनी बढ़ा दी है। रिकॉर्ड बारिश के कारण कोयला आपूर्ति में रूकावट खड़ी हो गई है। नतीजन ऊर्जा उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ा है। विभिन्न पावर प्लांट्स निर्धारित क्षमता से 50 फीसदी से भी कम विद्युत उत्पादन कर पा रहे हैं। इस बीच कोयले की कमी से निपटने के लिए आनन-फानन में कोर मैनेजमेंट टीम गठित की गई है।

कोयला आपूर्ति बाधित होने से देश के कुछ राज्यों में अभूतपूर्व बिजली संकट पैदा होने के आसार बन रहे हैं। दिल्ली और पंजाब सहित कई राज्य इस समस्या की चपेट में आ सकते हैं। सरकार द्वारा गठित कोर मैनेजमेंट टीम अब प्रत्येक दिन कोयले के स्टॉक की गहनता से निगरानी और मैनेजमेंट कर रही है। पावर प्लांट्स को कोयला आपूर्ति में सुधार हेतु कोल इंडिया लिमिटेड और रेलवे के साथ आवश्यक कार्रवाई को ऊर्जा मंत्रालय सुनिश्चित कर रहा है। ऊर्जा मंत्रालय का कहना है कि कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड ने भरोसा दिया है कि वह अगले कुछ दिन में बिजली क्षेत्र को प्रतिदिन 1.6 मीट्रिक टन तक कोयला भेजने की सीमा को बढ़ाने की कोशिश में हैं।

इसे प्रतिदिन 1.7 मीट्रिक टन किए जाने का प्रयास हो रहा है। इससे निकट भविष्य में पावर प्लांट्स में कोयला भंडार के निर्माण में सहायता मिलने की संभावना है। बताया गया है कि विदेश से आयात होने वाले कोयले के दामों में रिकॉर्ड स्तर पर उछाल आया है। नतीजन कोयले के आयात में कमी आई है। इसका प्रभाव कोयले से संचालित विद्युत संयंत्रों पर पड़ रहा है। मौजूदा स्थिति पर ऊर्जा मंत्रालय पैनी नजर रखे है।