नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी कनेक्ट किया जाएगा। इसका लाभ पउप्र के नागरिकों को मिलेगा। भविष्य में मेरठ से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने में सिर्फ 60 मिनट यानी एक घंटे का वक्त लगेगा। इस रूट पर जाम की कोई गुंजाइश नहीं होगी। इसके लिए 93 किलोमीटर लंबा रूट तैयार किया जाएगा। इस योजना पर भी गंभीरता से काम चल रहा है। मेरठ के अलावा आस-पास के शहरों को भी इसका फायदा मिलेगा। जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन पर काम आरंभ हो चुका है।
देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में केंद्र एवं राज्य सरकार की काफी दिलचस्पी है। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) भी अह्म जिम्मेदारी निभा रहा है। जेवर एयरपोर्ट को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने की हरसंभव कोशिश चल रही है। इसके मद्देनजर मेरठ और जेवर एयरपोर्ट के मध्य लगने वाले समय को कम करने पर काम चल रहा है। ऐसे में सिग्नल फ्री रूट तैयार करने की योजना पर विचार-विमर्श हो रहा है। प्रयास किए जा रहे हैं कि इस रूट से पउप्र के अधिकांश शहर जेवर एयरपोर्ट से जुड़ जाएं। इन शहरों के नागरिकों को फ्लाइट लेने के लिए आईजीआई दिल्ली की तरफ ना जाना पड़े। सांसद डॉ. महेश शर्मा इस संबंध में घोषणा भी कर चुके हैं।
93 किलोमीटर लंबा होगा रूट
प्रस्तावित सिग्नल फ्री रूट 93 किलोमीटर लंबा होगा। इससे लाभ यह होगा कि मेरठ के अलावा आस-पास के शहर भी एक्सप्रेस-वे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से कनेक्ट हो जाएंगे। मुफीद सफर से कारोबार की गति को भी बढ़ावा मिलेगा। मेरठ से जेवर एयरपोर्ट तक की दूरी लगभग 93 किमी की है। इस दूरी को कम समय में पूरा किया जा सके, इसके लिए सरकार ने योजना का खाका तैयार किया है। दिल्ली से मेरठ एक्सप्रेस-वे का काम पूर्ण हो चुका है। मेरठ एक्सप्रेस-वे को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ने का काम पूरा हो चुका है। ऐसे में जब दोनों एक्सप्रेस-वे कनेक्ट हो जाएंगे तो मेरठ से सीधे सिकंद्राबाद के रास्ते सिरसा कट से यमुना एक्सप्रेस-वे को जोड़ दिया जाएगा।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तौर पर भी हो सकेगा प्रयोग
भविष्य में यमुना एक्सप्रेस-वे होकर मेरठ से आने वाले वाहन जेवर एयरपोर्ट का रूख कर सकेंगे। विशेष बात यह है कि इस पूरे रूट पर कोई सिग्नल नहीं होगा। यानी बिना रूके पूरा सफर हो सकेगा। वाहन चालकों को जाम की टेंशन भी नहीं रहेगी। उधर, इस समूचे रूट को इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में भी प्रयोग किया जा सकेगा। दिल्ली-एनसीआर से जेवर एयरपोर्ट की तरफ जाने वाली हर सड़क को भी रफ्तार देने का प्रयास जारी है। नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा से सटे दिल्ली के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक भी बिना ज्यादा समय खराब किए जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच सकें, इसके लिए मयूर विहार और महामाया फ्लाईओवर तक एलिवेटेड रोड की योजना पर मंथन हो रहा है। आने वाले समय में यह योजना भी धरातल पर उतरने लगेगी।
















