अपराध निरोधक समिति के सदस्यों ने जेल का निरीक्षण किया

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति के सदस्यों ने सोमवार को जिला कारागार गाजीपुर का निरीक्षण किया। समिति के प्रदेश जोन सचिव मयंक सिंह एवं जिला सचिव अभिषेक सिंह के नेतृत्व में निरीक्षण किया गया। अपराध निरोधक समिति लखनऊ के चेयरमैन डॉ. उमेश शर्मा के निर्देश पर यह टीम जिला कारागार गाजीपुर का निरीक्षण करने पहुंची। इस दौरान बताया गया कि जिला कारागार में कुल 1000 कैदी हैं, जिसमें 886 पुरुष व 44 महिला हैं। अल्प वयस्क 70 हैं। डिप्टी जेलर शिव कुमार यादव, रविंद्र सिंह यादव व कमल चंद ने बैरक संख्या-3 व 4 के साथ-साथ जेल अस्पताल व पाकशाला का निरीक्षण कराया। कैदियों को योग व शिक्षा धर्मेंद्र श्रीवास्तव द्वारा दी जाती है। जिला अस्पताल में चिकित्सक व फार्मासिस्ट सहित चार व्यक्तियों का स्टाफ है। कारागार अस्पताल  में एंबुलेंस न होने के कारण गंभीर व त्वरित मामलों में तुरंत समाधान में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, इसके लिए समिति चेयरमैन के माध्यम से शासन को अवगत कराएगी। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। जिला जेल में 397 कैदियों की क्षमता है। जिसके सापेक्ष 1000 कैदी बंद हैं। डिप्टी जेलर कमल चंद ने बताया कि जेल के अंदर आने वाले नागरिकों को गहन चेकिंग करके व कोविड-19 का ध्यान रखकर सभी को सैनिटाइज करके ही अंदर प्रवेश करने दिया जाता है। जेल में 34 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जो सभी काम करते पाए गए। जेल की बाउंड्री वॉल 12 फीट का ही होना बताया गया, जो कि सुरक्षा दृष्टि से और बढ़ाई जाना आवश्यक है। जिला कारागार में कुछ स्टाफ कम है। इसके बावजूद अधीक्षक, जेलर व उनके स्टाफ द्वारा व्यवस्था को समुचित चलाया जा रहा है। कारागार अधिकारियों ने अवगत कराया कि दीवारें व चारदीवारी की स्थिति जर्जर है। जिसके लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है। जेल का निरीक्षण  करने वाली टीम में समिति के सहायक सचिव सुनील गुप्ता, रविकांत पांडेय, आशीष कुमार, विजय प्रताप सिंह, शेरशाह, सभी डिप्टी जेलर मौजूद रहे।