प्रयागराज माघ मेला की तर्ज पर बसे हरिद्वार महाकुंभ

पेशवाई व शाही स्नान में किसी प्रकार की बंदिश स्वीकार नहीं: महंत नरेंद्र गिरि

अखाड़ा परिषद की बैठक में 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने कुंभ मेले की तैयारी पर की चर्चा

प्रयागराज/गाजियाबाद। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद हरिद्वार महाकुंभ की भव्यता से कोई समझौता नहीं करेगा। परिषद ने प्रयागराज में लगे माघ मेला की तर्ज पर हरिद्वार में कोविड-19 नियम का पालन करते हुए समस्त व्यवस्था कराने की मांग उठाई है। इसके लिए प्रशासन शीघ्र जमीन मुहैया कराए। बाघम्बरी गद्दी प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें हरिद्वार में कुंभ मेले की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में संतों ने कहा कि जैसे प्रयागराज माघ मेला में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य व्यवस्था की है। उसी प्रकार हरिद्वार कुंभ मेला को भी भव्य रूप से मनाया जाएगा। इसकी तैयारियों पर कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। बैठक में शामिल 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने कहा कि कोरोना का भय दिखाकर महाकुंभ की भव्यता खत्म करना अनुचित है। अध्यक्षता कर रहे अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा जब कोरोना काल में प्रयागराज में माघ मेला पुरानी परंपरा के अनुरूप हो सकता है, जिसमें लाखों-करोड़ों श्रद्धालु आएंगे, ऐसे में हरिद्वार महाकुंभ में बंदिशें लगाना अनुचित है।

उन्होने कहा कि उत्तराखंड सरकार अपनी तैयारी करे, जमीन जल्द उपलब्ध कराए, जिससे अखाड़े शिविर लगाना शुरू करें। पेशवाई व शाही स्नान में किसी प्रकार की बंदिश स्वीकार नहीं होगी। अखाड़ों की बढ़ती संख्या पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आदि शंकराचार्य की परंपरा से 13 अखाड़े ही मान्य हैं। किन्नर, परी व अन्य नामों से बनने वाले अखाड़ों का पंजीकरण निरस्त किया जाए। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था ध्वस्त है। संतों की रक्षा के लिए अखाड़ा परिषद महाराष्ट्र में बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने राष्ट्रपति उद्धव सरकार को बर्खास्त करके नए सिरे से चुनाव कराएं। यूपी के सीएम आदित्यनाथ ने धार्मिक संस्था है मठ मन्दिर का सरकारी रजिस्ट्रेसन कराने की व्यवस्था की है, ताकि बाहर से आने वाले दान को कोई व्यक्ति धोखाधड़ी ना कर सकें। इस कार्य की अखाड़ा परिषद ने प्रसंसा की है। इसी तर्ज पर हरिद्वार में भी व्यवस्था की है। कुंभ मेले में विशेष रूप से आगामी कुम्भ मेला 2021 में विषेश चार स्नान रहने वाले हैं। जिसमें 11 मार्च ,12 अप्रैल 14 अप्रैल 27 अप्रैल को शाही स्नान है। इसकी व्यवस्था का कार्य शीघ्र प्रारंभ हो ऐसा निर्णय लिया गया है ताकि कुम्भ मेला दिव्य भव्य रूप से मनाया जाये यह प्रस्ताव पास हो चुका है। अन्तर्राष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण गिरि महाराज ने कहा मुख्यमंत्री योगी स्वयं संत हैं। हमें विश्वास है कि वो मठ-मंदिर व संतों के खिलाफ कोई काम नहीं करेंगे। उनका हर निर्णय हमें स्वीकार है। वहीं कम समय में माघ मेला की व्यवस्था कराने के लिए योगी का सबने आभार ज्ञापित किया। बैठक में अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम गिरि महाराज, श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा, महामंत्री हरि गिरि उपस्थित थे।