यूपी में छठे चरण के लिए मतदान, सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी डाला वोट

10 जिलों में 57 सीट पर वोटिंग, पोलिंग सेंटर में दरोगा से भिड़ गए मंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच रही है। इसी क्रम में गुरुवार को छठे चरण के लिए मतदान कराया गया। 10 जिलों की 57 सीट के लिए सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया। चुनाव मैदान में कुल 676 प्रत्याशी हैं। जिनके भाग्य का फैसला 2.15 करोड़ मतदाताओं को करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गोरखपुर सदर सीट पर वोट डाला। ईवीएम मशीन में खराबी के कारण उन्हें 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। यूपी विधान सभा चुनाव के छठे चरण के अंतर्गत मतदान कराया जा रहा है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है। छठे चरण में 10 जिलों की 57 विधान सभा सीट के लिए वोटिंग हो रही है। छठे चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अलावा नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी, बसपा विधायक दल के नेता उमाशंकर सिंह व कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। जनपद बलिया में वोटिंग के दरम्यान मंत्री उपेंद्र तिवारी की दारोगा से बहस हो गई। दारोगा द्वारा मतदान केंद्र में टहलने से मना करने पर मंत्री एकाएक उखड़ गए। फेफना क्षेत्र के गड़वार बूथ पर मंत्री उपेंद्र तिवारी को जब पुलिस ने रोका तो वह दरोगा से बहस करने लगे।

उधर, महाराजगंज, बलिया, कुशीनगर तथा सिद्धार्थनगर में ईवीएम में खराबी आने से मतदान बाधित रहा। गोरखपुर शहर से भाजपा उम्मीदवार एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह: 6:57 मिनट पर मतदान केंद्र पर पहुंचे। इस दौरान वहां के बूथ पर ईवीएम में खराबी आ गई। नतीजन सीएम योगी आदित्यनाथ लगभग 20 मिनट देरी से मतदान कर सके। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी तैयारियों को बुधवार को पूरा कर लिया था।

एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि मतदान के लिए केंद्रीय बलों की 851 कंपनियां तैनात हैं। इनमें से बूथों पर 798 कंपनी, स्ट्रांग रूम ड्यूटी के लिए 18 कंपनी लगाई गई है। करीब 45 कंपनी केंद्रीय बल कानून व्यवस्था में लगाई गई हैं। वहीं, 2017 के चुनाव में इन 57 सीट में से 46 सीटें भाजपा के पास थीं। बसपा के पास 5, सपा के पास 4 सीटें थीं। जबकि कांग्रेस, अपना दल, सुभासपा व निर्दलीय के खाते में एक-एक सीट थी।