जेवर एयरपोर्ट : प्रभावित परिवारों की यीडा को फिक्र

जेवर बांगर में सभी सुविधाओं के लिए प्रयास तेज

ग्रेटर नोएडा। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों की जिंदगी जल्द आसान हो जाएगी। उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। आवासीय सेक्टरों की भांति इन परिवारों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इन परिवारों के लिए जेवर बांगर में कॉलोनी आबाद हो रही है। जहां वर्षा जल संचयन, कूड़ा प्रबंधन और सोलर से संचालित स्ट्रीट लाइट की भी व्यवस्था हो सकेगी। भविष्य में जेवर एयरपोर्ट से देश को नई विश्व स्तरीय पहचान मिल सकेगी। जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के कारण 3 हजार से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों को जेवर बांगर में बसाया जा रहा है। वहां भूखंड विकसित करने का काम हो चुका है। यह भूखंड किसानों को आवंटित हो गए हैं। किसानों ने भूखंडों पर निर्माण कार्य आरंभ कर दिया है। जेवर बांगर में सुविधाओं की जिम्मेदारी यमुना प्राधिकरण को सौंपी गई है। इसके चलते वहां सीवर, पेयजल लाइन, विद्युत लाइन, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, विद्युत सब स्टेशन सहित सभी जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा कुछ और सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। जेवर बांगर के लिए जल प्रबंधन योजना बनाई गई है। इसमें वर्षा जल का संचयन किया जाएगा। आधुनिक सिस्टम लगाए जाएंगे ताकि बारिश के पानी का सदुपयोग हो सके। इसके अलावा सोलर आधारित स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी ताकि विद्युत की बचत भी की जा सके। कूड़ा प्रबंधन का इंतजाम किया जाएगा। घरों के बाहर डस्टबिन भी लगवाए जाएंगे ताकि कूड़ा इधर-उधर फैला ना रहे। कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट भी लगेगा। प्लांट के लिए भूमि चिन्हित की जा रही है। सोसाइटी में मोबाइल टावर लगाने के लिए भी भूमि चिन्हित हो गई है। जेवर बांगर में किसानों के मवेशियों के लिए अलग से जगह तय की जाएगी। इसके लिए करीब 4 एकड़ भूमि की जरूरत होगी। इससे किसानों को राहत मिल सकेगी। किसान वहां पर पशुपालन भी कर सकेंगे। उधर, यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ. अरुणवीर सिंह का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के प्रभावित परिवारों के लिए जेवर बांगर में सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। वहां पर सेक्टर की हर सुविधा विकसित की जाएगी।