नगर पालिका परिषद के 2 कर्मचारी निलंबित एक को कारण बताओ नोटिस जारी

अनिल तोमर (उदय भूमि ब्यूरो)
पिलखुआ।
नगर पालिका परिषद पिलखुआ चेयरमैन के ससुर के दो प्रमाण पत्र बनाए जाने के प्रकरण में अब जांच की प्रक्रिया आगे बढऩे लगी है। नगरवासियों को इस प्रकरण में आगे की कार्यवाही का उत्सुकता से इंतजार था। आज इस प्रकरण में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार ने नगर पालिका परिषद के दो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अधिशासी अधिकारी विकास कुमार ने फोन पर बताया की प्रथम दृष्टया सफाई नायक संजय कुमार को दूसरे मृत्यु प्रमाण पत्र जो कि 25 जुलाई 2017 को मृत्यु दर्शाते हुए 28 मई 2019 को मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा दिया गया था की रिपोर्ट लगाने तथा जन्म मृत्यु पंजीकरण का कार्य भार देख रहे कंप्यूटर ऑपरेटर विकास कुमार को कंप्यूटर पर अपडेट करने की लापरवाही मे निलंबित कर दिया गया है।

नगर पालिका परिषद: दाल में कुछ काला या पूरी दाल ही काली है ?

तथा सफाई निरीक्षक अवधेश कुमार यादव को तीन दिन के अंदर कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के आदेश दिए है। जैसे ही निलंबन के आदेश हुए नगर पालिका परिषद में सारा दिन कर्मचारियों के होश फाख्ता रहे तथा परिषद के कर्मचारियों के चेहरों की हवाइयां उड़ी रही। विदित हो की नगर पालिका परिषद की चेयरमैन गीता गोयल के ससुर स्वर्गीय सुरेश चंद्र उर्फ कालू राम पुत्र स्वर्गीय रूगनलाल की मृत्यु 11 अप्रैल 2011 को हुई थी जिसका प्रमाण पत्र नगर पालिका परिषद पिलखुआ द्वारा जारी किया गया था। लेकिन नगर पालिका परिषद द्वारा इसी व्यक्ति की मृत्यु दिनांक 25 जुलाई 2017 में पुन: दर्शाते हुए 28 मई 2019 को नगर पालिका परिषद से दूसरा प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया। इस प्रकरण की शिकायत नगर के गौरव चौहान ने तहसील दिवस में जिलाधिकारी महोदय से करते हुए कार्यवाही के लिए गुहार लगाई थी। परिषद की चेयरमैन गीता गोयल के पति मनोज कुमार गोयल उर्फ नीटू ने बताया कि नगर पालिका द्वारा जारी किए गए दूसरे प्रमाण पत्र के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

भू-माफिया पर कसा शिकंजा तो नगर पालिका के ईओ के खिलाफ रच दिया साजिशों का तानाबाना

यह उनके खिलाफ कोई साजिश या षड्यंत्र है। बहरहाल वास्तविकता का पता तो जांच के बाद ही पता चल सकेगा। कि यह नगर पालिका परिषद मे किसी के द्वारा उनके खिलाफ कोई साजिश या षड्यंत्र है अथवा परिषद की चेयरमैन गीता गोयल ने किसी लाभ के लिए अपने कार्यकाल में पद के दबाव में इसको बनवाया। आमजन वे अधिक सभासद का मानना है कि परिषद के चेयरमैन के दूसरे बनाए गए प्रमाण पत्र से संबंधित सभी पहलुओं की गहनता से जांच होनी चाहिए तथा उन दस्तावेजों को भी जांच होनी चाहिए जिस आधार पर नगर पालिका परिषद के कार्यालय द्वारा दूसरा प्रमाण पत्र बना दिया गया। क्योंकि इससे नगर पालिका परिषद की छवि धूमिल हुई है।