मै. वीवो इंडिया व ऐवरीडेंशन ने फंक्शनल सार्टिफिकेट के लिए यमुना अथॉरिटी में किया आवेदन
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के यमुना सिटी में दुनिया की 2 नामचीन कंपनियों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। अब कंपनियां चालू होने का इंतजार किया जा रहा है। दोनों कंपनियां 5431 करोड़ का निवेश कर रही हैं। निवेश के साथ बंपर रोजगार भी मिल सकेगा। यूपी के विकास में यमुना विकास प्राधिकरण नई कहानी लिख रहा है। इसी क्रम में वहां तेजी से नामचीन कंपनियां अपना कारोबार जमा रही हैं। इसका लाभ रोजगार के अवसर पैदा करने में भी मिल रहा है।
यमुना सिटी में पहली कंपनी दुनिया की नामचीन मोबाइल कंपनी वीवो है। यूपी के शो-विंडो में 5200 करोड़ रुपये निवेश करने वाली मेसर्स वीवो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री 169.5 एकड़ में तैयार हो गयी है। दूसरी कंपनी मेसर्स एवरीडेंशन इंडिया लिमिटेड है। दो सौ इकतीस करोड़ रुपये निवेश करने वाली यह कंपनी भी साढ़े बारह एकड़ में तैयार हो गयी है। इन दोनों कंपनियों की तरफ से यमुना अथॉरिटी में फंक्शनल प्रमाण पत्र की अनुमति मांगी है। चुनाव अचार संहिता हटने के साथ 31 मार्च तक इनको अनुमति मिलने के साथ अप्रैल में इनके चालू हो जाने की संभावना है।
यमुना प्राधिकरण में मोबाइल की दुनिया में मशहूर चीन की कंपनी वीवो ने 2018 में निवेश करने की इच्छा जाहिर करते हुए 5200 करोड़ रुपये का डीपीआर पेश किया था। यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि मेसर्स वीवो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर 24 में 169.5 एकड़ जमीन आवंटित की गयी थी। वीवो अब उत्पादन के लिए तैयार हो गयी है। वीवो ने उत्पादन प्रारंभ करने के लिए फैक्ट्री को चालू करने के लिए फंक्शनल सार्टिफिकेट का आवेदन किया है। इसी तरह विश्व बाजार में पैकेजिंग के साथ फिल्म मैटैरियरल बनाने के लिए मशहूर की अमेरिका की ऐवरीडेंसन प्राइवेट लिमिटेड की भी फैक्ट्री यमुना अथॉरिटी के सेक्टर 32 में तैयार हो गयी है।
दुनिया के बाजार में पैकेजिंग की बादशाह कही जाने वाली इस कंपनी ने 231 करोड़ रुपये निवेश करने के साथ साढ़े बारह एकड़ में प्लांट का निर्माण करने के साथ ही इसको चालू करने की अनुमति मांगी है। यमुना अथॉरिटी के सीईओ अरुणवीर सिंह ने बताया कि चुनाव अचार संहिता हटते ही इन कंपनियों को फंक्शनल सार्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। फंक्शनल सार्टिफिकेट जारी होने के बाद इन कंपनियों की तरफ से अप्रैल 2022 में उत्पादन प्रारंभ कर देने की संभावना है।
















