नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट : कमेटी गठित डे टुडे कामों की होगी मॉनिटरिंग, चारदीवारी के लिए किसानों से खरीदी जाएगी जमीन

नागरिक उडडयन विभाग ने जिला प्रशासन को भेजी रकम

ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम तेजी से हो इसको लेकर सक्रियता बढ़ा दी गई है।
यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुणवीर सिंह ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जारी निर्माण कार्यों को तेजी से कराने को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी डे टुडे वर्क में आने वाली समस्याओं के तत्काल निस्तारण को लेकर सक्रिय रहेगी। यमुना अथॉरिटी के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया की अगुवाई में गठित कमेटी में सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता, जलनिगम के अधीक्षण अभियंता, यूपी पॉवर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर, यमुना अथॉरिटी के जीएम प्लानिंग व अपर जिलाधिकारी भूमि अध्यप्ति को शामिल किया गया है। एयरपोर्ट निर्माण के दौरान कुछ जमीनें आड़ी-तिरछी होने के कारण चारदीवारी के काम में परेशानी आ रही है। इसके मद्देनजर अब किसानों से जमीन खरीदने का निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा 7.82 हेक्टेयर भूमि किसानों से सीधे खरीदी जाएगी। इस संबंध में उप्र के नागरिक उड्डयन विभाग ने प्रशासन को दिशा-निर्देश दे दिए हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा एयरपोर्ट (जेवर) की नींव रखी थी। यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है

Arunveer Singh, ceo
डॉ. अरुणवीर सिंह,
मुख्य कार्यपालक अधिकारी , यमुना प्राधिकरण

56 किसानों से खरीदी जाएगी भूमि
56 किसानों से जमीन खरीदने के लिए नागरिक उड्डयन विभाग ने जिला प्रशासन को रकम भेज दी है। प्रशासन ने जेवर एसडीएम को इस जमीन को किसानों को सीधे खरीदने के लिए उनके खाते में पैसा ट्रांसफर कर 31 मार्च तक यह प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। सनद रहे कि नोएडा एयरपोर्ट के प्रथम चरण के लिए 1334 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने के बाद इसे विकसित करने वाली स्विटजरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट एजी को सौंपी जा चुकी है।

चारदीवारी का निर्माण जारी
एयरपोर्ट के चारदीवारी का निर्माण का काम जारी है। लगभग 18 किमी लंबी चारदीवारी के निर्माण के दौरान कुछ जमीनें आड़ी-तिरछी होने के कारण उसे भी एयरपोर्ट में शामिल करने का अनुरोध प्रदेश सरकार से किया गया था। प्रदेश सरकार के निर्देश पर नागरिक उड्डयन विभाग ने नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण में आड़े आ रहे 56 पेरिफेरल प्लॉट को किसानों से सीधे खरीदने का निर्देश के साथ इसका धन भी जारी कर दिया गया है। प्रदेश सरकार की तरफ से प्रशासन को भेजे गए धन को जेवर एसडीएम को ट्रांसफर कर इसके खरीद की प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है।