यमुना प्राधिकरण की 74वीं बोर्ड बैठक बुधवार को चेयरमैन अरविंद कुमार की अध्यक्षता में प्राधिकरण कार्यालय में हुई। बैठक में यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ ऋतु माहेश्वरी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ सुरेंद्र सिंह, यमुना प्राधिकरण के एसीईओ मोनिका रानी, रविंद्र सिंह, ओएसडी शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी शैलेंद्र सिंह, केके सिंह, एके सिंह, नंदकिशोर सुदरियाल सहित यमुना प्राधिकरण के कई अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सबसे पहले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली को मेट्रो के जरिए जोड़ने से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
उदय भूमि ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। भविष्य में किस तरह यमुना सिटी क्षेत्र देश का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र बनेगा इसको लेकर खाका तैयार हो गया है। यमुना प्राधिकरण ने औद्योगिक विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को तेज करते हुए उद्योग के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी है। बुधवार को यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में उद्यमियों के लिए फ्लैटेड फैक्ट्री कॉप्लेक्स का निर्माण, फिल्म सिटी से लेकर जेवर एयरपोर्ट के बीच पॉड टैक्सी का संचालन, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक हाईस्पीड मेट्रो का निर्माण, भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नये विद्युत सब-स्टेशन का निर्माण, लॉजेस्टिक एंड वेयरहाउसिंग परियोजना को गति सहित क्षेत्र में औद्योगिक विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। बोर्ड बैठक में किसानों एवं आवंटियों को भी बड़ी राहत दी गई। आवंटियों के लिए ओटीएस योजना और पार्ट कंप्लीशन पर भी रजिस्ट्री की सुविधा देने से संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लगी। यमुना प्राधिकरण ने लगभग 600 गायों की क्षमता वाले गौशाला के निर्माण के प्रस्ताव को हरी झंडी दी। प्राधिकरण ने संपत्ति ट्रांसफर शुल्क में भी कमी करने का निर्णय लिया है।
यमुना प्राधिकरण की 74वीं बोर्ड बैठक बुधवार को चेयरमैन अरविंद कुमार की अध्यक्षता में प्राधिकरण कार्यालय में हुई। बैठक में यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ ऋतु माहेश्वरी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ सुरेंद्र सिंह, यमुना प्राधिकरण के एसीईओ मोनिका रानी, रविंद्र सिंह, ओएसडी शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी शैलेंद्र सिंह, केके सिंह, एके सिंह, नंदकिशोर सुदरियाल सहित यमुना प्राधिकरण के कई अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सबसे पहले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली को मेट्रो के जरिए जोड़ने से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके लिए यमुना प्राधिकरण डीएमआरसी से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट और फीजिबिलिटी रिपोर्ट बनवाई है।
दो चरणों में बनेगा 72.94 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर
जेवर से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक 72.94 किलोमीटर के यह कॉरिडोर दो चरणों में बनेगा। डीएमआरसी ने जेवर से ग्रेटर नोएडा तक की डीपीआर व ग्रेनो से नई दिल्ली तक की फीजिबिलिटी रिपोर्ट सौंप चुका है। प्राधिकरण बोर्ड ने बुधवार को दोनों रिपोर्ट पर मुहर लगा दी है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि ग्रेटर नोएडा से नई दिल्ली तक के कॉरिडोर में मेट्रो के पहले से बने कॉरिडोर के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसमें नॉलेज पार्क-2 ग्रेटर नोएडा से नोएडा सेक्टर-142 तक एक्वा लाइन मेट्रो और न्यू अशोक नगर से अक्षर धाम ब्लू लाइन मेट्रो कॉरिडोर का इस्तेमाल हो सकता है। इसकी डीपीआर डीएमआरसी बनाएगा। वह डीपीआर में पुराने कॉरिडोर के इस्तेमाल पर अपनी राय देगा।
12 हजार लोगों को राहत
बिल्डरों के बकाया होने के चलते रुकी हुई रजिस्ट्री के लिए नया यमुना प्राधिकरण ने नया रास्ता निकाला है। जिन परियोजना का आंशिक पूर्णता प्रमाण पत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) जारी है, उनके खरीदार लीज रेंट और अतिरिक्त मुआवजे का पैसा प्राधिकरण में जमा कराकर रजिस्ट्री करा सकते हैं। बिल्डरों का बकाया पैसा होने के कारण आवंटियों को संपत्ति की रजिस्ट्री कराने में परेशानी होती थी। यमुना प्राधिकरण पूर्व में रजिस्ट्री की अनुमति नहीं देता था। कई परियोजना में प्राधिकरण आंशिक अधिभोग प्रमाण पत्र जारी हो चुका है। बावजूद इसके रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। ऐसे में फ्लैट खरीदार परेशान रहते हैं। यमुना प्राधिकरण ने ऐसे फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत दी है। अब आवंटी लीज रेंट और अतिरिक्त मुआवजे का पैसा सीधे प्राधिकरण में जमा करके रजिस्ट्री करा सकते हैं। यह नियम आंशिक अधिभोग प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाली परियोजना में ही लागू होगा। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि इसके लिए उनसे करीब 500 से 700 खरीदार मिले थे। उनकी परेशानी को देखते हुए यह नियम लागू किया गया है। इससे खरीदारों को राहत मिलेगी। प्राधिकरण के इस निर्णय से लगभग 12 हजार लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पॉड टैक्सी से जुड़ेंगे औद्योगिक क्षेत्र, बनेंगे 12 स्टेशन
यमुना प्राधिकरण ने फिल्म सिटी से लेकर जेवर एयरपोर्ट के बीच पॉड टैक्सी चलाने का निर्णय लिया है। प्राधिकरण की बोर्ड में इसे स्वीकृति दे दी गई। ई जाएगी। पॉड टैक्सी पीपीपी मॉडल पर चलेगी। इसकी डीपीआर इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कारपोरेशन लिमिटेड ने बनाई है। फिल्म सिटी और एयरपोर्ट के अलावा यमुना प्राधिकरण के औद्योगिक क्षेत्र भी पॉड टैक्सी से जुड़ेंगे। इसमें 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। इसमें सेक्टर 29, हैंडीक्राफ्ट पार्क, एमएसएमई पार्क, अपैरल पार्क, सेक्टर 32, सेक्टर 33, टह्यवाय पार्क, सेक्टर 21 आदि स्टेशन होंगे। इस कॉरिडोर की लंबाई 14.6 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण में 641.53 करोड़ रुपए खर्च होंगे। परियोजना पर आगे बढ़ने के लिए इसकी डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। वहां से अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। यह परियोजना पीपीपी मॉडल पर विकसित की जाएगी।
















