-जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर प्रवर्तन टीम ने बुलडोजर और सीलिंग के माध्यम से अवैध निर्माण खत्म किया
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने डासना क्षेत्र में चल रही अवैध कॉलोनी और अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए गुरूवार को बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग अभियान चलाया। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के सख्त निर्देशों के तहत प्रवर्तन जोन-5 की टीम ने लगभग 15,000 वर्गमीटर क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही जेवा मैडम कॉलोनी को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान डासना क्षेत्र के ग्राम भूडगढ़ी के खसरा संख्या 2885 में निर्मित अवैध बाउंड्रीवाल, नाली, कॉलम सहित सभी निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त किया गया। साथ ही मसूरी गंग नहर के पास जेवा मैडम कॉलोनी, भुडगढ़ी इंडस्ट्रियल एरिया में सुरेन्द्र कुमार चौधरी, अशोक कुमार चौधरी, सिद्धार्थ कौल, अभिनीत और जितेंद्र चड्ढा द्वारा किए गए पांच अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया।
इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय कॉलोनाइजर और निर्माणकर्ताओं ने विरोध किया, लेकिन जीडीए पुलिस बल और वेव सिटी थाना पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए उन्हें वहां से हटाया। इसके बाद ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई पूरी निर्बाध रूप से संपन्न हुई। जीडीए अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और भू-क्रेताओं से अपील की कि वे अनाधिकृत रूप से विकसित हो रही कॉलोनियों में प्लॉट का क्रय-विक्रय न करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि ऐसे निर्माण पूरी तरह अवैध हैं और भविष्य में किसी भी वित्तीय नुकसान की जिम्मेदारी खरीदार पर ही होगी। केवल जीडीए द्वारा स्वीकृत और मान्यता प्राप्त योजनाओं में ही निवेश करने की सलाह दी गई।
जीडीए प्रवर्तन टीम ने इस कार्रवाई के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह अभियान शहर में वैध और सुरक्षित आवासीय विकास को बढ़ावा देने, अवैध अतिक्रमण को रोकने और निवासियों के हित में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध कॉलोनियों और निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहे और आवश्यकतानुसार अन्य क्षेत्रों में भी यही कार्रवाई की जाए। गुरूवार की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया कि गाजियाबाद में अब कोई भी अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि इस अभियान से शहर में वैध और व्यवस्थित आवासीय योजनाओं का विकास हो, और नागरिकों को सुरक्षित, पारदर्शी और कानूनी रूप से सुरक्षित आवासीय सुविधा मिल सके।
















