28 बीघा अवैध निर्माण ध्वस्त, प्राधिकरण ने दिखाई सख्त नीति
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। ग्राम-बसन्तपुर सैंतली और नवीपुर क्षेत्र में लगभग 28 बीघा भूमि पर बिना अनुमति विकसित की जा रही अवैध कालोनियों के खिलाफ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने बुधवार को कड़ी कार्रवाई की। जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देशानुसार ओएसडी एवं प्रवर्तन प्रभारी राजीव रत्न सिंह की अगुवाई में टीम ने अवैध निर्माणों को निशाना बनाकर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। मुरादनगर के ग्राम-शोभापुर मार्ग में आठ बीघा में निर्मित अवैध कालोनी को भी प्राधिकरण ने ध्वस्त किया। जीडीए प्रवर्तन जोन-2 के सहायक अभियंता राजीव कुमार, अवर अभियंता योगेश वर्मा और राजन सिंह की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को समाप्त किया और ध्वस्तीकरण कार्यवाही को अंजाम दिया। जीडीए टीम ने निरीक्षण के दौरान कई अवैध निर्माणों को चिन्हित किया। सुशील खारी द्वारा खसरा संख्या-555, ग्राम-बसन्तपुर सैंतली, नवीपुर बम्बा में लगभग 8000 वर्ग मीटर, अरूण चौधरी द्वारा खसरा संख्या-27, ग्राम नवीपुर, पाइपलाइन रोड, मुरादनगर में लगभग 10,000 वर्ग मीटर, योगेश शर्मा, मोहित त्यागी एवं अनुज त्यागी द्वारा खसरा संख्या-486, पाइपलाइन रोड, शोभापुर बम्बा के निकट ग्राम नवीपुर में लगभग 10 बीघा, और योगेंद्र सिंह, सुधीर अग्रवाल एवं अनिल त्यागी द्वारा खसरा संख्या-153, हनुमान मंदिर बम्बा रोड से शोभापुर-बसन्तपुर मार्ग पर लगभग आठ बीघा भूमि में अवैध निर्माण पाया गया।
इन कालोनियों में कालोनाइजर द्वारा बनाई गई सड़कें, बाउंड्रीवाल, साइट ऑफिस और अन्य निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। ध्वस्तीकरण के दौरान कुछ स्थानीय निर्माणकर्ताओं ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन प्राधिकरण पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया और अभियान को निरंतर जारी रखा। सहायक अभियंता और टीम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना अनुमति का कोई भी निर्माण बक्शा नहीं जाएगा। ओएसडी एवं प्रवर्तन प्रभारी राजीव रत्न सिंह ने बताया कि हम अवैध निर्माणों और कालोनियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य गाजियाबाद में कानून का पालन सुनिश्चित करना और नागरिकों के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित आवासीय माहौल बनाना है। हम किसी भी हाल में अनुमति रहित निर्माण को बर्दाश्त नहीं करेंगे और प्राधिकरण की कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि ध्वस्तीकरण अभियान में सुरक्षा बल, स्थानीय पुलिस और प्रवर्तन टीम की मदद से किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका गया। जीडीए ने यह स्पष्ट किया कि भविष्य में अवैध निर्माणों और कालोनियों पर निगरानी लगातार जारी रहेगी। सभी जोन और क्षेत्रीय अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करेंगे और अवैध निर्माणों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे केवल अधिकृत और मान्यता प्राप्त परियोजनाओं में ही निवेश करें।
















