मधुबन-बापूधाम में बन रहा बुनकर मार्ट समयसीमा में पूरा करें, गुणवत्ता से समझौता नहीं: नंद किशोर कलाल

-115 करोड़ की परियोजना का जीडीए उपाध्यक्ष ने किया स्थलीय निरीक्षण
-श्रमिकों की कमी पर जताई नाराजगी, कार्यदायी संस्था पर पेनाल्टी के निर्देश
-बुनकरों और हस्तशिल्प उद्योग को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में निर्माणाधीन बुनकर मार्ट (एक्सपो एवं कन्वेंशन सेंटर) परियोजना को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने दिए हैं। सोमवार को उन्होंने अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्र, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, प्रभारी चीफ इंजीनियर आलोक रंजन, अधिशासी अभियंता योगेश पटेल सहित तकनीकी टीम और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। उपाध्यक्ष ने निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लेते हुए स्पष्ट कहा कि परियोजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और कार्य को तय समय सीमा में पूरा करना अनिवार्य होगा। निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर श्रमिकों की संख्या अपेक्षा से कम मिलने पर उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताई और संबंधित कार्यदायी संस्था को कड़ी चेतावनी दी।

उन्होंने निर्देश दिया कि श्रमिकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि निर्माण कार्य की गति तेज हो सके। साथ ही नियमों के अनुसार कार्यदायी संस्था पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। इंजीनियरों को निर्देशित किया गया कि वे नियमित रूप से साइट पर मौजूद रहकर कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करें और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। मधुबन-बापूधाम योजना में पिछले कई वर्षों से बुनकर मार्ट सह एक्सपो एवं कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। लगभग 115 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना क्षेत्र के बुनकरों, शिल्पकारों और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को एक स्थायी और आधुनिक विपणन मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोडऩे की योजना बनाई गई है।

जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि इस परियोजना को देश के प्रतिष्ठित कन्वेंशन सेंटर ‘भारत मंडपम’ की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक्सपो, व्यापारिक प्रदर्शनियां, सम्मेलन और सांस्कृतिक आयोजन आयोजित किए जा सकेंगे। परियोजना में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल एक्सपो हॉल, विभिन्न दुकानों और स्टॉल की व्यवस्था की जा रही है, जिससे उद्यमियों और व्यापारियों को बेहतर व्यावसायिक अवसर मिल सकें। परियोजना में लगभग 560 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक ऑडिटोरियम, 80 लोगों की क्षमता का कॉन्फ्रेंस हॉल, फूड कोर्ट, म्यूजियम तथा अन्य आवश्यक जनसुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से यह केंद्र व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक आयोजनों का भी प्रमुख स्थल बनेगा।

अधिकारियों के अनुसार बुनकर मार्ट परियोजना के पूर्ण होने से गाजियाबाद में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही यह क्षेत्र को एक प्रमुख वाणिज्यिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। निरीक्षण के अंत में जीडीए उपाध्यक्ष ने दोहराया कि परियोजना की समयबद्ध पूर्णता और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी प्रकार की देरी या तकनीकी कमी को तत्काल दूर किया जाए, ताकि यह महत्वाकांक्षी परियोजना जल्द से जल्द जनता और उद्योग जगत के लिए समर्पित की जा सके।