-नई आबकारी नीति से शराब कारोबार में बड़ा बदलाव, नए लोगों को मिलेगा मौका
-नई आबकारी नीति के क्रियान्वयन में जुटे अधिकारी, दिन-रात चल रहा मंथन
उदय भूमि
गाजियाबाद। राज्य सरकार ने नई आबकारी नीति लागू करते हुए एक बड़ा बदलाव किया है, जिससे शराब व्यवसाय से जुड़े लोगों के साथ ही उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ेगा। इस नीति के तहत अब बीयर और विदेशी शराब की बिक्री एक ही दुकान से होगी। इसके चलते जिले की 132 बीयर की दुकानों पर 1 अप्रैल 2025 से ताले लग जाएंगे। इस बड़े बदलाव को सुचारू रूप से लागू करने के लिए आबकारी अधिकारी अपनी टीम के साथ दिन-रात बैठकों और मंथन में जुटे हुए हैं। इस बदलाव से सरकारी खजाने में बढ़ोत्तरी होगी और शराब व्यवसाय को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। बीयर और विदेशी शराब की एकीकृत बिक्री,अब अलग-अलग दुकानों की बजाय बीयर और विदेशी शराब एक ही दुकान में बेची जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं को भी एक ही स्थान पर दोनों तरह की शराब उपलब्ध होने से सहूलियत होगी। इस नई नीति के प्रभावी होने से पहले आबकारी विभाग के अधिकारी व्यवस्थापन को लेकर लगातार मंथन कर रहे हैं।
नई दुकानें कहां और कितनी संख्या में संचालित होंगी, लाइसेंस प्रक्रिया क्या होगी, और इससे रोजगार पर क्या असर पड़ेगा-इन सभी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श जारी है। इस नीति के कारण जिले के बीयर दुकानदारों में चिंता का माहौल है। जिन लोगों के पास केवल बीयर की दुकान का लाइसेंस था, उन्हें अब नई दुकानें लेने या किसी अन्य व्यवसाय की ओर रुख करने की मजबूरी होगी। इस नई व्यवस्था से जहां सरकारी खजाने में बढ़ोत्तरी होगी, वहीं शराब व्यवसाय पर वर्षों से कब्जा जमाए बैठे पुराने मठाधीशों का भी सफाया होने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार के इस फैसले से जहां आबकारी विभाग को आर्थिक लाभ मिलेगा, वहीं व्यापारियों और दुकानदारों के लिए यह नई चुनौती साबित हो सकती है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह नीति जमीनी स्तर पर कैसे लागू होती है और इसका असर कैसा रहता है। अधिकारियों के मुताबिक, नई दुकानों की संख्या, लाइसेंस प्रक्रिया, दुकान आवंटन और नियमों को लेकर जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
नई नीति से नए कारोबारियों को मिलेगा मौका
इस बदलाव के चलते नए लोगों के लिए कारोबार के दरवाजे खुलेंगे। सरकार का मानना है कि यह नीति शराब व्यवसाय में पारदर्शिता लाएगी और एकाधिकार खत्म करेगी। अब शराब बिक्री के लाइसेंस के लिए नए नियम बनाए गए हैं, जिससे नए व्यापारियों को इस क्षेत्र में प्रवेश का अवसर मिलेगा। इस बदलाव से जहां नए व्यापारियों को बाजार में प्रवेश का मौका मिलेगा। उपभोक्ताओं के लिए एक ही दुकान से बीयर और विदेशी शराब खरीदने की सुविधा होगी, जिससे उन्हें भी सहूलियत मिलेगी।
पुराने ठेकेदारों की बादशाहत होगी खत्म?
लंबे समय से शराब कारोबार पर कुछ बड़े ठेकेदारों और समूहों का नियंत्रण था, लेकिन नई नीति के लागू होने से जिलों में इनकी पकड़ कमजोर हो सकती है। लाइसेंस वितरण प्रक्रिया में बदलाव और नई दुकानें खोलने के नियमों में सख्ती से पुराने मठाधीशों के एकछत्र राज पर असर पड़ सकता है।
लाइसेंस की सीमा: कोई भी व्यक्ति पूरे प्रदेश में अधिकतम दो दुकानों के ही लाइसेंस ले सकेगा, पहले एक व्यक्ति एक जिले में कई लाइसेंस ले सकता था।
ई-लॉटरी से आवंटन: नई दुकानों के लाइसेंस ई-लॉटरी प्रणाली से आवंटित किए जाएंगे।
मॉडल शॉप का विकल्प: 400 वर्ग फीट या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली दुकानों को मॉडल शॉप में बदला जा सकेगा, जहां ग्राहकों को शराब परोसने की अनुमति होगी।
जनपद गाजियाबाद में शराब की दुकानें और बदलाव
वर्तमान में जिले में कुल 268 विदेशी शराब और बीयर की दुकानें हैं, जिनमें 132 बीयर और 136 विदेशी शराब की दुकानें शामिल हैं। नई नीति के तहत बीयर और विदेशी शराब की दुकानें मिलाकर 179 कंपोजिट दुकानें खोली जाएंगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मौजूद 132 बीयर की दुकानों को बंद कर दिया जाएगा।
व्यवस्थापन को लेकर जारी गहन मंथन
नई नीति के लागू होने के साथ ही शराब की दुकानों के नए लाइसेंस, आवंटन प्रक्रिया, दुकान स्थानांतरण, और व्यवस्थापन को लेकर गहन चर्चा हो रही है। आबकारी अधिकारी यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि व्यवसायियों और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
गाजियाबाद में मौजूद शराब लाइसेंसों की संख्या
विदेशी शराब – 136
बीयर शॉप – 132
देशी शराब – 214
मॉडल शॉप – 43
भांग की दुकान – 14
प्रीमियम शॉप – 3

जिला आबकारी अधिकारी
जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम का कहना है कि सरकार की मंशा है कि नई नीति बिना किसी रुकावट के लागू की जाए। इसके लिए सभी आबकारी निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे व्यवसायियों से संवाद करें और सभी जरूरी तैयारियां पहले से पूरी कर लें। देर रात तक बैठकों का दौर जारी है, जिसमें पुराने लाइसेंस धारकों की स्थिति, नई दुकान खोलने के स्थान, और नियमों के अनुपालन को लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। 13 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। कोई भी व्यक्ति यूपी में अधिकतम दो दुकानों के लिए ही आवेदन कर सकेगा, लॉटरी प्रक्रिया 3 या 4 मार्च को आयोजित की जाएगी, जिसमें नए लाइसेंस आवंटित किए जाएंगे। नई नीति के तहत सभी प्रक्रियाओं को तय समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा।
















