-कचरा पृथक्करण के लिए निगम की टीम ने बच्चों को किया जागरूक
-डोर टू डोर अभियान में मिल रही सफलता, वेस्ट सेग्रीगेशन हर नागरिक की जिम्मेदारी
गाजियाबाद। अगर अपनी आंखें बंद कर एक बार जरा घर के डस्टबिन को याद करें तो सब्जियों के छिलके से लेकर प्लास्टिक की बोतलें, शैंपू की खाली बोतलें, बचा खाना, कांच के टुकड़े… सब कुछ एक ही डस्टबिन के अंदर नजर आएगा। मतलब सूखा और गीला कूड़ा का सारा कांसेप्ट प्रारंभिक स्तर पर ही फेल, जबकि जगह-जगह होर्डिंग और पोस्टर लगाकर नगर निगम लोगों को सूखा और गीला कूड़ा अलग करने का संदेश दे रहा है। चौक-चौराहों पर हरे और नीले रंग के डस्टबिन भी लगाए गए है। शहर की स्वच्छता को लेकर नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन कर है। अगर निगम की टीम को लोगों का साथ मिल जाए तो अपना शहर और सुंदर व स्वच्छ हो सकता है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के कुशल नेतृत्व में नगर निगम सीमा अंतर्गत लगातार कचरा पृथक्करण महिम देखने को मिल रही है।
शहर के सभी वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन गाडिय़ां जा रही है। साथ में टीम भी मौके पर पहुंच रही है, जो शहर वासियों को कचरा पृथक्करण के लिए जागरूक कर रही है। जिसमें पार्षदों का भी सहयोग निगम को मिल रहा है। घरों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग करने के लिए नगर निगम की टीम प्रतिदिन शहर वासियों को जागरूक कर रही है। जिससे न केवल निगम को कचरा अलग-अलग मिल रहा है। बल्कि अलग-अलग प्राप्त होने वाले कचरे से शहर को भी लाभ प्राप्त हो रहा है। मगर कुछ जगहों पर आज भी स्थिति जस की तस है। वृहद स्तर पर चल रहे वेस्ट सेग्रीगेशन अभियान में गीला कचरा अलग एवं सूखा कचरा अलग करने के लिए विद्यार्थियों को भी जागरूक किया जा रहा है। जिनके माध्यम से हर घर में गीला तथा सूखा कचरा अलग-अलग हो रहा है।
नगर आयुक्त के निर्देश अनुसार गाडिय़ों की संख्या बढाने पर भी पूरी कार्यवाही की जा चुकी है। शीघ्र ही डोर टू डोर कलेक्शन वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। जिससे शहर को काफी लाभ मिलेगा, गाजियाबाद के पांचो जोन के अंतर्गत अभियान जारी है। जिसमें वसुंधरा, कवि नगर जोन के अंतर्गत वेस्ट सेग्रीगेशन की मुहिम सफल होती दिखाई दे रही है। गाडिय़ों के अंदर भी लगे चार प्रकार के डिब्बे में कचरा अलग-अलग डलवाया जा रहा है। कई सामाजिक संस्था भी वेस्ट सेग्रीगेशन में अपनी भूमिका निभा रही हैं। एसबीएम की टीम स्कूलों में जाकर बड़े एवं छोटे विद्यार्थियो को कचरा पृथक्करण के लिए जागरुक कर रही है। उनके साथ बातचीत कर अपने घरों में भी तथा आसपास भी इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए अपील कर रही है। सूखा तथा गीला कचरा अलग कर निगम की गाडिय़ों में शहर वासी डाल रहे हैं। जिससे लग रहा है शहर के लोगों में भी निगम की जागरुकता असर होने लगा है।

नगर आयुक्त
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों में चार प्रकार के बॉक्स लगे हैं। जिनमें जैव अवशिष्ट कचरे को पीले रंग के डिब्बे में डाला जाए, हरे डिब्बे में गीले कचरे को डाला जाए, नीले डिब्बे में सूखा कचरा डाला जाए, काले रंग के डिब्बे में घरेलू हानिकारक कचरा डाला जाए। इस प्रकार जन-जन को नगर निगम की टीम भी जागरूक कर रही है। शहर वासियों को भी निगम के कार्यों अपना सहयोग करना होगा। शहरवासियों ने काफी सहयोग दिया। इसके अलावा यदि शहर को स्वच्छ करने में शहरवासी और भी आगे आते हैं तो निगम के संसाधन भेजकर उनका सहयोग किया जाएगा। मेरी शहरवासियों से भी अपील है कि शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने में अपना अधिक से अधिक सहयोग करें। शहर को स्मार्ट बनाना नगर निगम के साथ ही जनता की जिम्मेदारी है। उनके सहयोग से ही शहर को स्मार्ट बनाया जाएगा। लोगों को सड़कों पर गंदगी न करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही डलाव घर खत्म किए जा रहे हैं।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

















