विकसित उत्तर प्रदेश-2047 पर गहन चर्चा में मुख्यमंत्री योगी ने गाजियाबाद नगर निगम को विकसित भारत की मिसाल बताया

– वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नगर निकायों के साथ हुई विकसित उत्तर प्रदेश-2047 पर गहन चर्चा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के नगर निगमों और स्थानीय निकायों के अधिकारियों तथा अध्यक्षों के साथ विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 विषय पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद नगर निगम को आत्मनिर्भर बनने का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया और सभी नगर निकायों को भी ऐसी ही पहल करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम शहर के विकास के लिए अनेक परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिससे नगर की आय में वृद्धि होगी और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने मल्टीलेवल पार्किंग, स्पोर्ट्स प्लाजा, महिला हॉस्टल समेत विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान नगर निगम की उपलब्धियों और विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी दी। महापौर ने उपस्थित पार्षदों एवं अधिकारियों को विकसित उत्तर प्रदेश-2047 अभियान में सहयोग करने और शहर हित में एकजुट होकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम और स्थानीय निकायों को आय बढ़ाने के लिए नए संसाधन जुटाने होंगे। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि गाजियाबाद में उद्योग, वाणिज्य और बुनियादी ढांचा विकास के माध्यम से नगर निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। इस अवसर पर मोदीनगर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विनोद कुमार वैशाली ने मुख्यमंत्री को मोदीनगर को औद्योगिक नगरी के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को सराहा और कहा कि प्रदेश सरकार और स्थानीय निकाय मिलकर इस दिशा में काम करेंगे।

इसके अतिरिक्त मुरादनगर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष एवं नगर पंचायत निवाड़ी के अध्यक्ष अनिल त्यागी, पतला नगर पंचायत की अध्यक्षा रीता चौधरी और अन्य नगर निकायों के प्रतिनिधि भी वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए और उन्होंने अपने सुझाव और अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने नगर निगमों और निकायों से आग्रह किया कि वे स्थानीय स्तर पर नवीन योजनाओं को लागू कर आय के नए स्रोत विकसित करें। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बनने से ही नगर और प्रदेश दोनों विकसित होंगे। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि गाजियाबाद में विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के माध्यम से शहर के नागरिकों को बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं। इन परियोजनाओं में सड़क, जल, सीवर, मल्टीलेवल पार्किंग, खेल परिसर और महिला सुरक्षा उपाय शामिल हैं।

महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न नगर निगमों और नगर पालिकाओं को एक मंच पर लाना एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे सभी निकाय अपने अनुभव साझा कर सकते हैं और आपसी सहयोग से विकास के लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों और नगर निकायों के प्रतिनिधियों से कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश 2047 का सपना तभी साकार होगा जब हर नगर निगम और नगर पंचायत आत्मनिर्भर बनेगी और नगर के विकास के लिए ठोस कदम उठाएगी। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शहर के विकास, नगर निगम की आय बढ़ाने और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए कई सुझाव और रणनीतियों पर गहन चर्चा हुई। इस पहल से यह संदेश गया कि गाजियाबाद जैसे शहर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हैं और प्रदेश के अन्य नगर निकाय भी इसे अपना मॉडल मान सकते हैं।