DM इन्द्र विक्रम सिंह की सुनो बात दस्तक मतलब दरवाजे पर ठक-ठक, बरतें सावधानी

-संचारी व दस्तक के सम्बंध में प्रभात फेरी निकालते हुए फैलाएं जनजागरूकता: सीडीओ

गाजियाबाद। जनपद में शुरू हो चुके संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान को लेकर संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए जन जागरूकता के साथ-साथ एंटी लार्वा स्प्रे, पेयजल की जांच आदि के कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किए जाएंगे। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि शासन के आदेशानुसार विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 से 31 जुलाई एवं दस्तक अभियान 11 से 31 जुलाई तक चलाया जाएगा। संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ 1 जुलाई को हो चुका हैं। इसके तहत विगत वर्ष में जिन क्षेत्रों में डेंगू के रोगी अधिक मात्रा में पाए गए थे। उन्हें संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए जन जागरूकता के साथ-साथ एंटी लार्वा स्प्रे, पेयजल की जांच आदि कार्य प्राथमिकता पर शुरू किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्कूलों में जाकर संक्रामक रोग की रोकथाम के बारे में जागरूक कराया गया। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने कहा कि जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों में जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रभात फेरी निकालते हुए डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया जाए।

जिलाधिकारी ने जीडीए के प्रभारी चीफ इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह को निर्देश दिए कि जीडीए सीमा क्षेत्र में संवेदन शील क्षेत्रों में संचारी रोग विशेषकर डेंगू से बचाव के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई करें। जिला पंचायत राज अधिकारी प्रदीप द्विवेदी को निर्देश दिए कि जनपद के 108 तालाबों के आसपास की झाडिय़ों के कटान सुनिश्चित करते हुए आगामी 5 कार्य दिवस में इसका एलबम बनाकर कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। ताकि मच्छर प्रजनन को नियंत्रित किया जा सके। जिला उद्यान अधिकारी निधि सिंह को निर्देशित किया कि जनपद के डेंगू संवेदनशील क्षेत्रों में मच्छर रोधी पौधों का प्रचार-प्रसार एवं अपनी पौधशाला से उपलब्धता सुनिश्चित करें। जिला परियोजना अधिकारी को निर्देशित किया कि अपने अधीनस्थ आंगनबाड़ी को दस्तक अभियान के दौरान घर-घर जाकर बुखार, स्वच्छ पेयजल, डेंगू, मलेरिया इत्यादि के साथ टीबी से बचाव के लिए क्या करें।

यह जानकारी देना सुनिश्चित करें। नगर निगम भी संवेदनशील क्षेत्रों में साफ-सफाई,एंटी लार्वा स्प्रे एवं फॉगिंग का कार्य करने के लिए अभियान चलाए। जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान साफ-सफाई,गड्ढा मुक्त सड़कें सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही संचारी एवं दस्तक अभियान पर भी जोर दें। दवाइयों का छिड़काव एवं सफाई कर्मचारियों,स्पीकर के माध्यम से संचारी और दस्तक अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करें। सार्वजनिक स्थलों आसपास में 100 मीटर तक दवाई का छिड़काव किया जाए। लोगों को जागरूक कर बीमारी से बचे रहेंगे। ट्रीटमेंट की नौबत ना आए तो अलर्ट रहे। सावधानी ही सुरक्षा और बचाव है।

दस्तक का मतलब है दरवाजे पर ठक-ठक यानि आपको घर-घर जाकर दरवाजों पर ठक-ठक करवानी है और लोगों को सावधानी रखने के लिए जागरूक करना है। डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवतोष शंखधर का तबादला होने पर उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। बैठक में सीडीओ अभिनव गोपाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित विक्रम, डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. रवीन्द्र कुमार,जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. जीके मिश्रा, जिला सूचना अधिकारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, जीडीए के प्रभारी चीफ इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।