-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश, अवैध नलकूप चलाने वालों पर होगी कार्रवाई
-1108 औद्योगिक इकाइयों तक पहुँचा निगम का पानी, शीघ्र सभी इकाइयां होंगी लाभान्वित
-जल बिल वितरण और रेट निर्धारण की भी बनी योजना, उद्घाटन समारोह की तैयारी तेज
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में नगर निगम का ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड प्रोजेक्ट अब उद्योगों के लिए जीवनरेखा साबित हो रहा है। शनिवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल क्षेत्र की 1108 औद्योगिक इकाइयों को निगम जलापूर्ति कर रहा है और शेष इकाइयों को जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। नगर निगम का दावा है कि यह प्रोजेक्ट न केवल उद्योगों की प्यास बुझाएगा बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था और निगम की आय को भी मजबूती देगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि अब सभी औद्योगिक इकाइयों को नियमित जलापूर्ति बिल दिया जाएगा और शुल्क निर्धारित कर निगम की आय बढ़ाई जाएगी। अब तक साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में अनेक इकाइयां अवैध नलकूपों से पानी खींचने पर निर्भर थीं।
इससे भूजल स्तर पर नकारात्मक असर पड़ रहा था। नगर आयुक्त ने बैठक में साफ कहा कि अब इस पर रोक लगाई जाएगी और जिन औद्योगिक इकाइयों ने बिना अनुमति नलकूप चला रखे हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक जल आपूर्ति व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जाएगा। अवैध जल दोहन रोकने के लिए निगम की विशेष टीमें गठित की जाएंगी। समीक्षा बैठक में वी ए टेक वेबग लिमिटेड के डायरेक्टर एस. वरदराजन और प्रोजेक्ट मैनेजर अग्नि मोहंती ने प्रोजेक्ट का पूरा खाका प्रस्तुत किया। इसमें रोड रेस्टोरेशन से लेकर शोधित जल की सप्लाई, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और जल वितरण प्रणाली पर विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जल आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया तकनीकी मानकों के अनुरूप की जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या न आए।
साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र के लिए ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड प्रोजेक्ट केवल जलापूर्ति का साधन नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और नगर निगम की वित्तीय मजबूती का आधार बनकर उभर रहा है। यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद को न केवल औद्योगिक क्षेत्र में नई पहचान देगा बल्कि भविष्य की टिकाऊ और हरित विकास योजना की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त के साथ निर्माण विभाग से मुख्य अभियंता नरेंद्र कुमार चौधरी, देशराज, जलकल विभाग से आस कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, वी ए टेक वेबग लिमिटेड के अधिकारी भी तकनीकी पक्ष प्रस्तुत करने के लिए उपस्थित रहे।
नगर निगम को भी होगी अतिरिक्त आय
नगर निगम का मानना है कि इस प्रोजेक्ट से जहां औद्योगिक इकाइयों को स्वच्छ जल मिलेगा, वहीं निगम को भी स्थिर और दीर्घकालिक आय का नया स्रोत मिलेगा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जल्द ही जलापूर्ति दरों का निर्धारण कर बिल वितरण शुरू किया जाएगा। जलकल विभाग के महाप्रबंधक कामाख्या प्रसाद आनंद को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
उद्घाटन समारोह की तैयारी, बनेगा ऐतिहासिक क्षण
नगर निगम इस प्रोजेक्ट के सफल कार्यान्वयन के उपरांत भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि यह आयोजन औद्योगिक क्षेत्र में नगर निगम की बड़ी उपलब्धियों में से एक होगा। नगर आयुक्त ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से गाजियाबाद को पूरे प्रदेश में एक अलग पहचान मिलेगी।
लगातार हो रही है मॉनिटरिंग और निरीक्षण
नगर निगम की टीमें समय-समय पर प्रोजेक्ट स्थल का निरीक्षण और मॉनिटरिंग कर रही हैं। नगर आयुक्त स्वयं भी कार्यों की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं। निगम का दावा है कि यह प्रोजेक्ट शहर के हित में मील का पत्थर साबित होगा और भविष्य की जरूरतों को भी पूरा करेगा।

नगर आयुक्त
ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड प्रोजेक्ट गाजियाबाद नगर निगम की एक ऐतिहासिक पहल है। इस प्रोजेक्ट से साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की 1108 इकाइयों को नियमित और स्वच्छ जल उपलब्ध हो रहा है। हमारा प्रयास है कि शेष सभी औद्योगिक इकाइयों को भी शीघ्र इस व्यवस्था से जोड़ा जाए। जिन इकाइयों द्वारा अवैध नलकूपों से जल दोहन किया जा रहा है, उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। नगर निगम इस परियोजना के माध्यम से उद्योगों को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ शहर के राजस्व को भी मजबूत करेगा। यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में गाजियाबाद की औद्योगिक पहचान और हरित विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

















