भूगर्भ जल संरक्षण की प्रयोगशाला बने निगम के प्रोजेक्ट, छात्रों को जमीनी हकीकत से कराया रूबरू

-टीएसटीपी प्लांट भ्रमण से इंजीनियरिंग व साइंस के विद्यार्थियों में बढ़ेगी तकनीकी समझ, पर्यावरण के प्रति बनेगा जिम्मेदार नागरिक

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भूगर्भ जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर नगर निगम ने एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल की शुरुआत की है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में नगर निगम अब कॉलेज के छात्र-छात्राओं को अपने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का भ्रमण कराकर न केवल तकनीकी जानकारी दे रहा है, बल्कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जागरूक और सहभागी भी बना रहा है। इसी क्रम में नगर निगम द्वारा पहले चरण में इंजीनियरिंग तथा मास्टर ऑफ साइंस के विद्यार्थियों को निगम के चल रहे प्रोजेक्ट्स से जोड़ा गया है। इस पहल के अंतर्गत पहले दिन आईएमएस कॉलेज के एमएससी बायोटेक्नोलॉजी के लगभग 50 छात्र-छात्राओं को इंदिरापुरम स्थित 40 एमएलडी क्षमता वाले टीएसटीपी (टर्शियरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का भ्रमण कराया गया। मौके पर मौजूद नगर निगम की एक्सपर्ट टीम ने विद्यार्थियों को भूगर्भ जल संरक्षण की आवश्यकता, उसकी वर्तमान स्थिति और निगम द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

टीएसटीपी प्रोजेक्ट के हेड इंजीनियर तरुण राज ने विद्यार्थियों को सीवर के पानी को शोधित कर दोबारा उपयोग योग्य बनाने की पूरी प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आरओ और अल्ट्रा फिल्ट्रेशन तकनीक के माध्यम से गंदे पानी का उच्च गुणवत्ता का ट्रीटमेंट किया जाता है और उसे औद्योगिक उपयोग के लिए उपयुक्त बनाया जाता है। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि इस शोधित जल के उपयोग से भूगर्भ जल पर निर्भरता कम होती है, जिससे भविष्य के लिए जल संरक्षण संभव हो पाता है। नगर निगम अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में गाजियाबाद नगर निगम द्वारा साहिबाबाद क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को इसी शोधित जल की आपूर्ति की जा रही है, जिससे भूगर्भ जल का दोहन रुक रहा है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है। यह प्रोजेक्ट न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि शहरी जल प्रबंधन का एक सफल मॉडल भी बनता जा रहा है।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि विद्यार्थी सीखने की क्षमता के साथ-साथ समाज को समझाने और जागरूक करने की भी विशेष क्षमता रखते हैं। इसी सोच के तहत गाजियाबाद के कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को निगम के प्रोजेक्ट्स से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब विद्यार्थी इन योजनाओं को समझेंगे तो वे अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों तक भी स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश पहुंचाएंगे। नगर निगम की यह मुहिम केवल टीएसटीपी तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में शहर के इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वायु गुणवत्ता सुधार, बायोडायवर्सिटी पार्क और अन्य पर्यावरणीय परियोजनाओं का भी भ्रमण कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य है कि तकनीकी शिक्षा ले रहे विद्यार्थी किताबों के साथ-साथ जमीनी अनुभव भी हासिल करें।

भ्रमण के दौरान निगम की एसबीएम टीम भी उपस्थित रही। निगम की एक्सपर्ट टीम की सदस्य तारूशी ने विद्यार्थियों को बायोडायवर्सिटी पार्क और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। टीएसटीपी प्लांट के भ्रमण के बाद विद्यार्थियों ने नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की खुले दिल से सराहना की और भूगर्भ जल संरक्षण को लेकर खुद जागरूक होने के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने नगर निगम टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स का प्रत्यक्ष अनुभव उनके लिए बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक रहा। नगर निगम को उम्मीद है कि यह पहल आने वाले समय में शहर में स्वच्छता, सुंदरता और जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देगी।