देश के साथ गद्दारी करने वाले पहले खुद की गिरेबान में झांके: केके शर्मा

-प्रियंका गांधी के बयान की सोशल चौकीदार के संस्थापक ने की निंदा

गाजियाबाद। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री एवं बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को गद्दार कहे जाने पर शनिवार को अपना बयान जारी करते हुए सोशल चौकीदार के संस्थापक केके शर्मा ने उनके बयान की आलोचना की है। केके शर्मा ने कांग्रेस पार्टी पर देश को कई बार धोखा देने और लूटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी ने खुद भारत और हिंदुओं के साथ कितनी बार गद्दारी की है, जिसकी कोई गिनती ही नहीं है। जब भारत का विभाजन हुआ तब विभाजन से पहले ही महाराजा हरि सिंह ने कश्मीर को भारत में विलय करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे नेहरू जी ने स्वीकार नहीं किया, उसी का नतीजा है कि आधा कश्मीर हमारे हाथ से निकल गया और बाकी को बचाने के लिए कितने सैनिकों के बलिदान होते रहे हैं। कश्मीर में धारा 370 एवं 35 (ए) लगाना भी शेख अब्दुल्ला को प्रसन्न करने के लिए भारत के साथ गद्दारी की है। इसके बाद जब कश्मीर पर आक्रमण हुआ तब वहां भारत की सेना की जरूरत पड़ी, तब सरदार पटेल के बार- बार कहने के बाद भी सैनाएं देर से भेजी और कम भेजी, जिसके कारण हम आधा कश्मीर भी नहीं बचा पाए।

पाकिस्तान में लाखों हिंदू कटते रहे, लेकिन हिंदुस्तान में मुसलमानों को बचाने के लिए सेना लगाई गई, जब भारत का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ था तो मुसलमानो को पाकिस्तान भेजना चाहिए था। हिंदुओं की सुरक्षा को भूलकर मुसलमानों को सुरक्षा दी गई, यह हिंदुओं के साथ गद्दारी थी। सन 1962 के बाद हुए युद्ध में 20,000 किलोमीटर इलाका चीन ने छीन लिया, हजारों सैनिक मारे गए। सैनिकों के पास हथियार भी नहीं थे, यह सेना के साथ गद्दारी थी। 1964 के युद्ध में भारत ने पाकिस्तान की बहुत सारी जमीन पर कब्जा किया था, उसको वापस कर देना और पीओके वापस न लेना यह भारत कि सेना के साथ गद्दारी थी। उसके बाद 1971 के युद्ध में जब बांग्लादेश बना था तब इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के 90,000 बंदी सैनिक बिना पीओके लिए वापस लिए बिना छोड़ दिए गए, यह भी भारत की बलिदानी सेना के साथ गद्दारी थी। इस समझौते में भी पीओके वापस लिया जा सकता था, यह भारत के साथ गद्दारी थी। इतना ही नहीं भारत के जो लोग पाकिस्तान कि जेलों में बंद थे उनको तो वापस लिया जा सकता था, वह भी नहीं लिया गया। कांग्रेस के नेता मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान में जाकर भारत की सरकार बदलने कि मदद मांगते हैं ये भारत के साथ गद्दारी है।

कांग्रेस के वरिस्ठ नेता राहुल गांधी अमेरिका और ब्रिटेन में जाकर भारत की सरकार एवं भारत की संसदीय परंपरा की बुराई करते हैं, यह देश के साथ गद्दारी थी। जब बांग्लादेश बना था तो बांग्लादेश को मान्यता देने वाला देश इस्राइल था, लेकिन इस्राइल के निर्दोष लोगों पर हमास आतंकी संगठन ने जब हमला किया बच्चों और महिलाओं को मारा और बंधक बनाया, जब भारत सरकार ने अपनी विदेश नीति के अनुसार आतंकी संगठन हमास का विरोध किया फिर भी कांग्रेस द्वारा भारत सरकार कि जगह आतंकवादी संगठन हमास का समर्थन किया, यह भी भारत सरकार के साथ गद्दारी है। राहुल गांधी जब भारत के दुश्मन देश चाइना की प्रशंसा करते हैं उसका आघात भारत कि जनता के हृदय पर पहुंचता है क्या उनका चाइना प्रेम भारत के साथ गद्दारी नहीं है। उन्होंने कहा जो खुद भारत के साथ गद्दारी कर चुके हो, उन्हें पहले दुसरों को कहने से पहले खुद की गिरेबान में झांक लेना चाहिए। भारत की जनता को यह भी बताएं कि उपरोक्त घटनाएं भारत के साथ क्यूं कारित की गई। हालांकि मेरा ज्योतिरादित्य सिंधिया से कोई परिचय नहीं, लेकिन अपने देश भारत से है। जिस तरह से भारत के साथ गद्दारी की गई अगर फिर से इन्हें मौका दिया जाए तो फिर से लूटने और गद्दारी करने से कांग्रेस पार्टी पीछे नहीं हटेंगे।