-प्रदूषण को रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं पेड़-पौधे: महापौर
-मियावाकी पद्धति से पौधों का जल्द होगा विकास बढ़ेगी हरियाली: नगर आयुक्त
-स्थानीय लोगों ने संभाली पौधों के लालन पालन की जिम्मेदारी: डॉ अनुज कुमार सिंह
गाजियाबाद। विश्व पर्यावरण दिवस पर बुधवार को नगर निगम के उद्यान विभाग द्वारा शहर में वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया। महापौर सुनीता दयाल एवं नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने संयुक्त रूप से पटेल नगर स्थित गीता संजय पार्क में 150 फलदार पौधे लगाकर वृक्षारोपण किया। ऐसे ही उपस्थित सभी लोगो ने भी एक एक पौधा लगाया। इस दौरान महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि जिस प्रकार शहर में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और गर्मी का तापमान भी बढ़ रहा है ऐसे में शहर में सघन वृक्षारोपण किया जाना बहुत जरूरी है। अगर वृक्षारोपण नही किया गया तो प्रदूषण के साथ साथ तापमान भी बढऩे की संभावना है। पूरा विश्व पर्यावरण बदलाव के दौर से गुजर रहा है और हमें आने वाले भविष्य की चिंता करते हुए हर वर्ष पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसकी देखभाल करनी चाहिए। हालांकि नगर निगम हर वर्ष मियावाकी के माध्यम से वृद्ध वृक्षारोपण कर रहा है। लेकिन शहर में अभी और वृक्ष लगाने की जरूरत है। हमारे द्वारा लगाए जाने वाले पौधे भविष्य में शहर के फेफड़ों के कार्य करेंगें।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया पेड़ व पौधे वातावरण में फैलने वाले प्रदूषण को न सिर्फ रोकने में ही सहायक होते बल्कि इसके पत्ते प्रदूषण को अवशोषित करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। ऐसे कई पौधे हैं जो घरों में गमलों में रहकर भी वातावरण के प्रदूषण को अपने अंदर अवशोषित कर ऑक्सीजन में बदल देते हैं। पर्यावरण को संतुलित रखने में सबसे ज्यादा महत्व पेड़ पौधों का है। मानव को जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण ऑक्सीजन पेड़ों से ही मिलती है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण अनिवार्य है। नगर निगम द्वारा एक लाख से अधिक पौधारोपण किया जाएगा। जिसमें कई सामाजिक संस्थाएं भी वायु गुणवत्ता सुधार में सहयोग के लिए कार्य कर रही है और अधिक से अधिक पौधारोपण किया जा रहा है।
उद्यान प्रभारी डॉ अनुज कुमार सिंह ने बताया हरियाली एक ऐसा आवरण है जो प्रदूषण को घर की देहरी के अंदर प्रवेश करने से रोकता है। इसमें कुछ पौधे तो पहरेदार की तरह ही घर की रक्षा पूरी मुस्तैदी के साथ करते हैं और साथ ही सेहतभरी सांस भी हमें देते हैंं। विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण किया गया है और सभी पौधों के लालन पालन की जिम्मेदारी स्थानीय लोगों एवं नजदीकी मंदिर के पुजारी जी को दी गयी है, यह लोग इन 150 पौधों का ध्यान रखेंगे। उन्होंने कहा ऑक्सीजन एवं पर्यावरण को संरक्षित रखने और उत्तराखंड को हरा-भरा बनाए रखना हम सब लोगों का परम कर्तव्य है। प्रकृति को सहेज कर रखना हमारी गौरवशाली परंपरा है, जिसका प्रमाण वृक्षों की पूजा से मिलता है। यह दिवस हमें मानव और प्रकृति के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने की प्रेरणा देता है।

















