- पिछले साल के मुकाबले जून माह में लगभग 4 करोड़ अधिक राजस्व जुटाया
गाजियाबाद। दिल्ली में सस्ती और मुफ्त की शराब की बंपर बिक्री से मिली चुनौती के बावजूद जिला आबकारी विभाग ने राजस्व वसूली में कीर्तिमान स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। शराब तस्करों और दिल्ली की सस्ती शराब के शौकीनों पर गाजियाबाद पर प्रभावी किए जाने का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। पिछले साल जून माह की अपेक्षा इस साल जून माह में आबकारी विभाग ने लगभग 4 करोड़ रुपए ज्यादा राजस्व वसूल कर अपनी काबिलियत को साबित कर दिखाया है। एक तरफ शराब तस्करों से निपटने और दूसरी ओर राजस्व बढ़ाने की चुनौती ने विभाग की हालत पतली कर दी थी, मगर ठोस रणनीति और मातहतों को मिले अच्छे मार्गदर्शन के कारण असंभव कार्य भी संभव हो पाया है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुकाबले दिल्ली में शराब सस्ती मिल रही है।

दिल्ली में शराब की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए मुफ्त का ऑफर भी रखा गया। यानि एक बोतल की खरीद पर एक बोतल फ्री कर दी गई। दिल्ली सरकार के इस फैसले ने राजधानी से सटे यूपी के जनपदों में शराब तस्करी को बढ़ावा दिया। तस्करों और शराब के शौकीनों ने दिल्ली का रूख करना तेज कर दिया। ऐसे में दिल्ली से गाजियाबाद में शराब तस्करी के मामले एकाएक बढ़ते चले गए। इससे यूपी में आबकारी विभाग को राजस्व आय में गिरावट की चिंता चताने लगी थी। शासन स्तर से दिशा-निर्देश मिलने के बाद विभाग ने पूरी रणनीति के साथ मैदान में अपनी टीम उतारने में देरी नहीं की। दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर चेकिंग का दायरा बढ़ाने के साथ-साथ मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया। बॉर्डर के आस-पास के मार्गों और दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच-पड़ताल कर शराब तस्करों और शौकीनों को ट्रेस करना शुरू किया गया। नतीजे भी अच्छे आने शुरू हो गए।
आबकारी विभाग ने ताबड़-तोड़ कार्रवाई कर जून-2022 में शराब तस्करी में 74 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। दिल्ली से अवैध तरीके से शराब लाने में इस्तेमाल 38 वाहन सीज किए गए। इनमें कई लग्जरी वाहन भी थे, जिनकी कीमत लाखों रुपए में थी। इसके अलावा शराब तस्करी के आरोप में 114 अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न थानों में अभियोग पंजीकृत कराए गए। वहीं 13651 लीटर अवैध शराब बरामद की गई है। अब बात चुनौती के बीच राजस्व वसूली की। आबकारी विभाग ने जून 2021 में गाजियाबाद जनपद से 109.34 करोड़ रुपए का राजस्व वसूला था। इस बार चुनौती बड़ी होने के बाद भी विभाग ने हिम्मत नहीं हारी। जून-2022 की बात करें तो विभाग ने इस माह में 113.03 करोड़ राजस्व वसूल कर अपनी कार्यक्षमता को साबित कर दिया। पिछले साल जून माह में देसी शराब 12.50 लाख, अंग्रेजी 1089 लाख, बीयर 35.84 लाख की बिक्री हुई थी। जबकि इस साल जून माह में देसी शराब 1388 लाख, अंग्रेजी 67.70 हजार, बीयर 38.64 लाख की बिक्री हुई है।

जिला आबकारी अधिकारी, गाजियाबाद।
जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि आबकारी आयुक्त के आदेश और जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद में शराब तस्करों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। खासकर दिल्ली व हरियाणा से आने वाली अवैध शराब के खिलाफ जब्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। यदि दिल्ली की शराब का मामला आड़े ना आता तो जून माह में राजस्व वसूली और 5 करोड़ ज्यादा होने की संभावना थी। आबकारी अधिकारी का कहना है कि नियमानुसार कोई भी व्यक्ति यूपी के बाहर के किसी भी राज्य से गाजियाबाद में सिर्फ एक बोतल शराब अथवा बीयर ला सकता है। शर्त यह है कि शराब की बोतल या बीयर पर सील न लगी हो। यदि बोतल सील पैक है तो वह तस्करी की श्रेणी में आएगी। ऐसे में रंगे-हाथों पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति को जेल जाने के लिए तैयार रहना होगा। साथ संबंधित वाहन भी जब्त कर लिया जाएगा। जून माह में शराब तस्करों के खिलाफ कड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि यदि आप गाजियाबाद में हैं तो सिर्फ और सिर्फ यूपी की शराब खरीद कर सेवन करने की अनुमति है। गाजियाबाद से दिल्ली जाकर शराब का सेवन करने पर विभाग को कोई आपत्ति नहीं है, मगर सील बंद एक भी बोतल, क्वॉर्टर या बीयर की लाना मना है। आबकारी विभाग की टीमें दिल्ली-यूपी बॉर्डर के अलावा ऐसे रास्तों पर दिन-रात नजर रख रही हैं, जहां से शराब की तस्करी होने की आशंका है।
















