गाजियाबाद। तबादला होने के बावजूद नगर निगम में सेटिंग के आधार पर डटे अवर अभियंता (सिविल) श्रीकांत को आखिरकार गाजियाबाद से जाना होगा। मेरठ मंडल के कमिश्नर के बाद अब सूबे के नगर विकास राज्यमंत्री राकेश कुमार राठौर गुरु ने इस प्रकरण का संज्ञान ले लिया है। नगर विकास मंत्री ने पूछा है कि आखिर क्या कारण है कि गाजियाबाद छोडऩे को जेई तैयार नहीं हैं? ऐसे में जेई की गाजियाबाद से जल्द विदाई तय मानी जा रही है।
दरअसल उत्तर प्रदेश शासन ने गत 19 जून 2019 में गाजियाबाद नगर निगम से अवर अभियंता (सिविल) श्रीकांत का ट्रांसफर कर दिया था। उन्हें नगर पालिका परिषद शामली में भेजा गया था। शासन ने जेई को तत्काल नए स्थान पर चार्ज संभालने के निर्देश दिए थे। हैरत की बात यह है कि जेई श्रीकांत को आज तक नगर निगम से रिलीव नहीं किया गया है। इस मामले के संबंध में मेरठ मंडल के आयुक्त सुरेंद्र सिंह से 19 मई 2022 में शिकायत की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि जेई श्रीकांत ने अभी तक शामली नगर पालिका में ज्वाइनिंग नहीं की है।
जबकि उनके प्रतिस्थानी भी गाजियाबाद निगम में कार्यभार संभाल चुके हैं। शिकायत कर्ता ने जेई श्रीकांत को तत्काल कार्यमुक्त करने की अपील की थी। शिकायत पर संज्ञान लेकर कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने जेई को तुरंत रिलीव कर कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए थे। उधर, कमिश्रर के बाद अब नगर विकास राज्यमंत्री राकेश कुमार राठौर गुरु द्वारा इस मामले का संज्ञान लिया जाना नगर निगम में चर्चाओं में आ गया है।
















