राष्ट्रीय लोक अदालत में 2.21 लाख वादों का निस्तारण

गाजियाबाद। कचहरी परिसर में शनिवार को आयोजित की गई राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौत के आधार पर लगभग 2.21 लाख वादों का निस्तारण किया गया। प्रदेश के राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर दीवानी परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। शुरुआत में वादों का निस्तारण कराने के लिए लोगों की संख्या कम रहीं। मगर शाम तक भीड़ बढऩे के बाद वादों का निस्तारण किया गया। वहीं, 90 लाख रुपए से अधिक जुर्माना वसूली की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में वादों का निस्तारण किया गया। न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया।

उन्होंने सभी कक्षों में जाकर वाद निस्तारण से संबंधित कार्रवाई का निरीक्षण किया। जिला विधिक प्राधिकरण की सचिव नेहा रूंगटा ने बताया कि तीन न्यायालय कक्षों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में लोक अदालत में बैंक, परिवहन, पारिवारिक, फौजदारी, बिजली, राजस्व, दीवानी सहित अन्य विभागों से जुड़े विवादों को मिलाकर लगभग 2.21 लाख वादों का सुलह-समझौते एवं जुर्माना लगाने के बाद निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज एससी-एसटी एक्ट अरविंद यादव, जिला विधिक प्राधिकरण की सचिव नेहा रूंगटा, मोटर दुघर्टना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार आदि की मौजूदगी में अदालत में वादों का शाम पांच बजे के बाद तक निस्तारण किया गया। वहीं, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अनीता राज ने बताया कि परिवार न्यायालय के मामलों में 243 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें 45 जोड़ों के तलाक से संबंधी वादों में समझौता कराकर पति-पत्नी ने साथ रहने का निर्णय लेने पर इनका निस्तारण किया गया। जबकि अन्य 188 मामलों का अदालत में आपसी-सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।