खुफिया एजेंसी ने लखनऊ से दबोचा ट्रैवल एजेंट
लखनऊ। केंद्र सरकार की खुफिया एजेंसी डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। डीआरआई ने सूबे की राजधानी लखनऊ से ट्रैवल एजेंस को गिरफ्तार कर एक करोड़ रुपए बरामद किए हैं। आरोपी के हाथरस कनेक्शन की खुफिया एजेंसी जांच कर रही है। दरअसल हाथरस कांड के बहाने उत्तर प्रदेश में जातीय दंगे कराने की साजिश के इनपुट खुफिया एजेंसियों को मिले हैं। इसके लिए विदेश से फंडिंग होने के साक्ष्य मिले हैं। इसके बाद से खुफिया एजेंसियां और सरकार सतर्क हो गई है। सूत्रों का कहना है कि म्यांमार से सोना तस्करी के आरोप में वाराणसी से 2 तस्कर दबोचे गए थे। दोनों से पूछताछ में लखनऊ के ट्रैवल एजेंट का इनपुट मिला था। उसके बाद डीआरआई ने बुधवार की देर रात लखनऊ के खुर्रम नगर क्षेत्र से ट्रैवल एजेंट को दबोचा है। आरोपी के पास से एक करोड़ की नकदी और कई लाख रुपए की विदेशी मुद्रा मिलने की बात कही जा रही है। डीआरआई की टीम आरोपी ट्रैवल एजेंट से हाथरस कनेक्शन और सोना तस्करी के संबंध में पूछताछ कर रही है। खुफिया एजेंसी को महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। बता दें कि हाथरस जनपद में दलित युवती की कथित गैंगरेप के बाद हत्या के मामले पर योगी सरकार मुश्किलों में घिरी है। इस कांड पर विपक्ष की लामबंदी ने सरकार की टेंशन बढ़ा रखी है। हाथरस केस सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा है। सरकार का आरोप है कि कुछ राजनीतिक दल इस मामले के बहाने सूबे का माहौल बिगाडऩे की कोशिश कर रहे हैं। जातीय दंगे कराने की साजिश भी रची जा रही है। दंगे कराने के लिए मलेशिया से 50 करोड़ रुपए भारत भेजे जाने की जानकारी भी सामने आ चुकी है। सरकार का कहना है कि किसी भी षडयंत्र को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।















