ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अब लेबर हॉस्टल (आश्रय स्थल) और स्थायी रैन बसेरे की सुविधा उपलब्ध कराएगा। तेजी से उभरते इस शहर में भविष्य में रोजगार की तलाश में दूर-दराज से आने वाले युवाओं और बेघर गरीबों को इन स्थलों में ठहरने की सुविधा मिल सकेगी। उन्हें खुले आसमान के नीचे रात नहीं काटनी होगी। इसके मद्देनजर 3.10 करोड़ रुपए के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। योजना का क्रियान्वयन जल्द से जल्द कराने की तैयारी चल रही है।
औद्योगिक नगरी होने के नाते ग्रेटर नोएडा में रोजगार की तलाश में प्रदेश के दूरदराज एरिया और दूसरे प्रदेशों से मजदूर आते हैं। उनके सामने रोजगार के साथ ही सिर छिपाने के लिए जगह तलाशना भी चुनौती भरा होता है। वे उस समय आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे होते हैं। ज्यादा पैसे देकर किराए का घर लेने में सक्षम नहीं होते। कई बार ऐसे गरीब-मजदूरों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ जाती है। शासन की मंशा पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सेक्टर ईकोटेक थ्री में श्रमिक (मजदूर) आश्रय स्थल और उसी के पास रैन बसेरा बनाने जा रहा है। करीब 3500 वर्ग मीटर में बनेगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नरेंद्र भूषण के निर्देश पर प्रोजेक्ट विभाग ने इसका टेंडर जारी कर दिया है। महाप्रबंधक प्रोजेक्ट एके अरोड़ा ने बताया कि 18 अक्तूबर से 1 नवंबर तक टेंडर अपलोड किया जा सकता है। 3 नवंबर को प्री क्ववालीफिकेशन बिड खुलेगी। उसके बाद फाइनेंशियल बिड के जरिए लेबर हॉस्टल व रैन बसेरा बनाने वाली कंपनी का चयन कर लिया जाएगा। प्राधिकरण की मंशा है कि इसे जल्द बना दिया जाए, जिससे कि जरूरतमंदों को सहारा मिल सके। गरीब-मजदूर लोग इसमें समय गुजार सकें।
नौकरी की तलाश में आए युवाओं को मिलेगी सुविधा
श्रमिक आश्रय स्थल में बाहर से नौकरी की तलाश में आने वाले युवक रह सकेंगे। नौकरी करने वाले लोग किराया दे पाने में असमर्थ होते हैं। उनको यहां पर बहुत ही कम शुल्क पर रहने के लिए बेड मिल जाएगा। श्रमिक आश्रय स्थल दो हिस्सों में होगा। एक हिस्से में पुरुष हॉस्टल और दूसरे में महिला हॉस्टल होगा। पुरुष हॉस्टल में 48 और महिला हॉस्टल में 36 महिलाएं रह सकेंगी। इसमें डाइनिंग एरिया, किचन, केयर टेकर ऑफिस, रिकॉर्ड रूम, कॉमन रूम और प्ले एरिया होगा। महिलाएं और पुरुषों के लिए अलग शौचालय होंगे। किचन में ढाबा खुलेगा, जहां पर आश्रय स्थल में रहने वाले लोग खाना भी खा सकेंगे। इसके कुछ हिस्से में ग्रीन एरिया भी होगा। इसके अलावा सिक्योरिटी आॅफिस, चेक पोस्ट और बरामदा भी रहेगा।
रैन बसेरे में होंगे 96 बेड
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण हर साल सर्दी के मौसम में रैन बसेरा बनवाता है। अब प्राधिकरण ने स्थायी रैन बसेरा बनाने का निर्णय लिया है। इस रैन बसेरा में महिलाओं और पुरुषों के लिए 48-48 बेड होंगे। उनके लिए अलग-अलग शौचालय बने होंगे। पीने का पानी, स्टोर रूम आदि बनाए जाएंगे। ये एक मंजिला इमारत होगी।
















