ग्रेटर नोएडा। चिटहेरा भूमि घोटाले की जांच शुरू होने के बाद त्रिदेव रिटेल प्रा.लि. कंपनी ने अपना बचाव शुरू कर दिया है। इस कंपनी ने 3.76 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को लौटा दिए हैं। यह पैसा पट्टों का जबरन बैनामा कराकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बेची गई भूमि का है। त्रिदेव रिटेल प्रा.लि. ने कास्तकारों से कुल 24 बैनाम कराए थे। प्रशासन ने घोटाले की भूमि से मुआवजा लेने वालों से पैसा लौटाने की अपील की है। यह रकम न लौटाने वालों के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी। चिटहेरा भूमि घोटाले की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 1997 में भूमिहीनों को पट्टे किए गए। 2015 में इन पट‘टो को बहाल किया गया।
बहाल करने के बाद कंपनी व कुछ व्यक्तियों ने भू माफिया यशपाल तोमर और उसके साथियों से सांठगांठ कर जबरन बैनामा करा लिया। बैनामा करने के बाद नियमों के विपरीत इस जमीन को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बेच दिया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से इसके बदले मुआवजा ले लिया। इस खेल में त्रिदेव रिटेल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भी शामिल थी। जिला प्रशासन ने इस मामले की जांच के बाद 2 एफआईआर दर्ज कराई। दोनों एफआईआर में 9 लोग नामजद किए गए हैं। उसमें यह कंपनी शामिल हैं। कार्रवाई शुरू होने के बाद त्रिदेव रिटेल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बैकफुट पर आ गई।
जिला प्रशासन की जांच में समाने आया था कि इस कंपनी ने काश्तकारों से 24 बैनाम कराए थे। बैनामा कराने के बाद यह जमीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बेच दी थी। इसके साथ ही प्राधिकरण से 3,76,18,000 रुपए का मुआवजा उठा लिया। दादरी के एसडीएम आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि अब कंपनी ने जिला प्रशासन को यह पैसा लौटा दिया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पक्ष में इन पैसों का डीडी जिला प्रशासन को सौंप दिया गया है। उन्होंने घोटाले की जमीन से मुआवजा लेने वालों से पैसा लौटाने की अपील की है।
पैसा नहीं जमा करने वालों के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक चिटहेरा जमीन की फर्जीवाड़े में करीब 25 हेक्टेयर जमीन का मुआवजा लिया गया है। इसके बदले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से करीब 35 करोड़ रुपये मुआवजा लिया गया है। इसमें दर्जनभर से अधिक लोग शामिल हैं, जिन्होंने मुआवजा लिया है। अब इन लोगों से पैसा वापस लिया जाएगा। हालांकि कितनी जमीन का मुआवजा लिया गया है, इस बारे में अधिकारी कुछ भी नहीं बता रहे हैं। लेकिन प्रशासन मुआवजा लेने वालों के खिलाफ आरसी जारी करेगा।
















