यूपी में सख्ती, अनुमति के बिना धार्मिक जुलूस व शोभा यात्रा पर बैन

लखनऊ। दिल्ली हिंसा को ध्यान में रखकर उत्तर प्रदेश सरकार एकाएक सतर्क हो गई है। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आनन-फानन में जरूरी कदम उठाए गए हैं। योगी सरकार ने धार्मिक जुलूस या शोभा यात्रा के लिए अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा माइक की आवाज को परिसर तक सीमित रखने का आदेश दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अपनी धार्मिक विचारधारा के मुताबिक सभी को अपनी उपासना पद्धति को मानने की स्वतंत्रता है।

माइक का उपयोग किया जा सकता है, मगर यह सुनिश्चित हो कि माइक की आवाज धार्मिक परिसर से बाहर ना आए, जिससे अन्य नागरिकों को कोई असुविधा नहीं हो। सीएम योगी ने आदेश में कहा है कि नए स्थलों पर माइक लगाने की अनुमति न दें। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अगले कुछ दिनों कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व-त्योहार हैं। रमजान माह चल रहा है। ईद पर्व और अक्षय तृतीया एक ही दिन होना संभावित है। ऐसे में वर्तमान परिवेश को देखकर पुलिस को अतिरिक्त संवेदनशील रहना होगा।

थानाध्यक्ष से लेकर एडीजी तक अगले 24 घंटे के भीतर अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ सतत संवाद बनाएं। सीएम योगी ने कहा कि तहसीलदार, एसडीएम, थानाध्यक्ष अथवा सीओ आदि सभी अपनी तैनाती के क्षेत्र में ही रात्रि विश्राम करें। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। ड्रोन का उपयोग कर स्थिति पर नजर रखें। पर्व और सतर्कता के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों की छुट्टियां 4 मई तक के लिए निरस्त कर दी गई हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मुख्य सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी किया है, जो अधिकारी पहले से अवकाश पर हैं, उनसे भी 24 घंटे में तैनाती स्थल पर लौटने को कहा गया है।