उदय भूमि संवाददाता
धौलाना। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बुधवार को धौलाना में आयोजित जनसभा उम्मीदों से ज्यादा सफल रही। जनसभा की सफलता का श्रेय कुशल मैनेजमेंट को जाता है। योजनाबद्ध तरीके से जिस प्रकार तैयारियां की गई थीं, उनका रिजल्ट भी अच्छा मिला है। नवनियुक्त जिला प्रभारी मानसिंह गोस्वामी के काम की भी प्रशंसा हो रही है। मानसिंह ने मंच से ही मोर्चा संभाल कर पार्टी में गुटबाजी को बढ़ावा देने की कोशिशों को भी नाकाम कर दिया।
जनपद हापुड़ के धौलाना क्षेत्र के साठा चौरासी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली जनसभा आयोजित की गई थी। भीड़ जुटाना और जनसभा को सफल बनाना किसी चुनौती से कम नहीं था। दरअसल हापुड़ में भाजपा का अच्छा-खासा वर्चस्व है, मगर वहां पर स्थानीय क्षत्रपों की गुटबाजी भी चरम पर है। विभिन्न गुट अक्सर खुद को श्रेष्ठ साबित करने की होड़ में पार्टी की फजीहत तक कराते रहते हैं। प्रत्येक गुट खुद को ज्यादा मजबूत और ज्यादा जनाधार होने का दावा करता रहता है। हापुड़ में मुख्यमंत्री योगी जनसभा से पहले मानसिंह गोस्वामी को जिला प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह पश्चिम उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।
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जिला प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने और एकाएक सीधे सीएम की जनसभा का कार्यक्रम फाइनल होने से मानसिंह गोस्वामी के लिए यह अग्निपरीक्षा का समय था। पार्टी में गुटबाजी और अलग-अलग धड़ों के सक्रिय होने की जानकारी भी गोस्वामी को बखूवी थी। अलबत्ता उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना था। पिछले 25 साल के राजनीतिक अनुभव की बदौलत उन्होंने चुनौती से पार पाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। मुख्यमंत्री की जनसभा के दरम्यान एक वक्त ऐसा आया जब भीड़ में अलग-अलग गुट के लोग हाथों में तख्तियां लेकर शक्ति प्रदर्शन करने लगे।
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इससे वहां अजीब सा माहौल उत्पन्न हो गया। ऐसे में मंच पर मौजूद जिला प्रभारी ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया। उन्होंने मंच से ही पार्टी के नेताओं को हिदायत दी कि वह हाथों में तख्तियां लेकर बार-बार खड़े न हों। कार्यक्रम में शांति से बैठें। जिला प्रभारी की हिदायत का असर भी देखने को मिला। सभी गुटों के लोग तुरंत शांतिपूर्ण तरीके से अपनी-अपनी सीट पर बैठ गए। सीएम की जनसभा की सफलता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि करीब 30 हजार नागरिक वहां 4 घंटे तक बैठे रहे। इसके बावजूद कार्यक्रम सुचारू रूप से जारी रहा। साठा चौरासी में भाजपा के भीतर सर्वाधिक गुटबाजी है। वहां कई क्षत्रप नेता खुद को 21 साबित करने के प्रयास में रहते हैं, मगर नवनियुक्त जिला प्रभारी ने जिस प्रकार से अलग-अलग गुट के नेताओं को साधकर जनसभा में अव्यवस्था को फैलने से रोका, वह काबिले तारिफ है।















