-नगर आयुक्त ने बैठक में वाबैग, जलकल तथा जल निगम अधिकारियों की लगाई क्लास, कंपनी का मैनेजर बदला
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बढ़ती गर्मी और जनसंख्या के दबाव के बीच गाजियाबाद की पेयजल और सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने एक संयुक्त बैठक कर जलकल विभाग, जल निगम और वाबेग कंपनी के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अब सिर्फ योजना नहीं, परिणाम चाहिए। अगले 10 दिनों में जमीनी स्तर पर फर्क दिखना चाहिए। बैठक में जल आपूर्ति और सीवर लाइन की समस्याओं पर खुलकर चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने कहा कि जनता को पेयजल संकट और ओवरफ्लो सीवर जैसी समस्याओं से जल्द से जल्द राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाए और वार्ड स्तर पर पार्षदों एवं जन प्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर काम को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वाबेग कंपनी के पूर्व प्रोजेक्ट मैनेजर को कार्य की धीमी गति और लचर निगरानी के चलते हटाया जाए। उनकी जगह अब अनुज त्रिपाठी को गाजियाबाद भेजा गया है, जिन्हें 10 दिन के भीतर सुधारात्मक योजना पेश करने और धरातल पर उसके क्रियान्वयन का जिम्मा सौंपा गया है। नगर आयुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि सीवर जाम की शिकायतें शहर की छवि को प्रभावित करती हैं। जनता की सहूलियत हमारी पहली प्राथमिकता है। अगर किसी भी अधिकारी या कंपनी ने लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के जलकल विभाग को निर्देश दिए गए कि सदन द्वारा लिए गए निर्णयों के आधार पर वर्तमान में कार्यरत तीन कंपनियों राक्वेल, राज इलेक्ट्रिकल्स और सर्वेश इंजीनियर के खिलाफ अनुबंध शर्तों के उल्लंघन और काम में लापरवाही को लेकर कड़ी कार्यवाही की जाए।
नगर आयुक्त ने कहा कि निगम किसी भी ठेकेदार या एजेंसी को जनहित से खिलवाड़ नहीं करने देगा। नगर आयुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि हर स्तर पर कार्यों की मॉनिटरिंग की जाए, रिपोर्ट तैयार कर निगम व शासन स्तर पर प्रस्तुत की जाए। कार्य में पारदर्शिता और गति लाने के लिए तकनीकी निगरानी के साथ-साथ स्थल निरीक्षण भी अनिवार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि हम अब कागजी कार्यवाही नहीं, ठोस बदलाव चाहते हैं। जनता की समस्याओं का स्थायी समाधान ही प्रशासन की असली उपलब्धि है। नगर आयुक्त ने यह भी घोषणा की कि आगामी सप्ताह में शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही शासन को भी विस्तृत प्रगति रिपोर्ट भेजी जाएगी।
पेयजल व्यवस्था: विजयनगर पर फोकस, गंगाजल योजना में गति
गर्मी के इस मौसम में पेयजल संकट सबसे बड़ी चुनौती है। नगर आयुक्त ने विजयनगर क्षेत्र में गंगाजल योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी 5 दिनों के भीतर निविदा प्रक्रिया पूरी की जाए ताकि जल आपूर्ति सुचारु की जा सके। उन्होंने कहा कि गंगाजल योजना का लाभ लोगों को जल्द मिले, इसके लिए हमें फास्ट ट्रैक मोड पर काम करना होगा।

















