यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक विकास के साथ साथ लोगों के लिए नौकरियों और कारोबार की सौगात लेकर आ रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र में बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जिससे आने वाले समय में लाखों लोगों के लिए नौकरियां और कारोबार के सुगम अवसर उपलब्ध होंगे। विकास से संबंधित इन योजनाओं को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाया जाये। इसको लेकर शुक्रवार को लखनऊ में तीन बड़ी बैठकें होगी। तीनों बैठकें अलग-अलग होंगी और अलग-अलग परियोजनाओं से संबंधित है। सबसे बड़ी बैठक जेवर टप्पल में बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टक पार्क (एमएमएलपी) को लेकर होगी।
उदय भूमि ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक विकास के साथ साथ लोगों के लिए नौकरियों और कारोबार की सौगात लेकर आ रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र में बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जिससे आने वाले समय में लाखों लोगों के लिए नौकरियां और कारोबार के सुगम अवसर उपलब्ध होंगे। विकास से संबंधित इन योजनाओं को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाया जाये। इसको लेकर शुक्रवार को लखनऊ में तीन बड़ी बैठकें होगी। तीनों बैठकें अलग-अलग होंगी और अलग-अलग परियोजनाओं से संबंधित है। सबसे बड़ी बैठक जेवर टप्पल में बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टक पार्क (एमएमएलपी) को लेकर होगी। मल्टी मॉडल लॉजिस्टक पार्क क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार उपलब्ध कराने के साथ देश की जीडीपी को बढ़ाने में भी बड़ा योगदान देगा। पीपीपी मॉडल पर बनने वाले लॉजिस्टक पार्क के डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट ( डीपीआर ) को लेकर चर्चा होगी। संभव है कि चर्चा के बाद डीपीआर पर मुहर लग जाये। यह परियोजना प्रथम चरण में 200 हेक्टेयर में मूर्त रूप लेगी और इसे विकसित करने में अनुमानित रूप से 1040 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

यमुना प्राधिकरण के दूसरे चरण के मास्टर प्लान में टप्पल में एमएमएलपी विकसित किया जाना है। यह परियोजना 1600 हेक्टेयर में पूरी होगी। पहले चरण में 200 हेक्टेयर में यह परियोजना आएगी। इसके विकास में 1040 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस परियोजना में वेयरहाउसिंग, साइलो (स्टोरेज के लिए), कंटेनर यार्ड और रेल जोन बनाए जाएंगे। यमुना एक्सप्रेसवे से यह पार्क 6 किलोमीटर दूर है। ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे यहां से 21 किलोमीटर की दूरी पर है। इस साइट से स्टेट हाइवे 22 गुजरता है। इसके अलावा एनएच-2 और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच रोड बनाई जाएगी। लॉजिस्टिक पार्क के लिए दनकौर-सिकंदराबाद रोड को नेशनल हाईवे बनाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसे गंगा एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। इस पार्क को ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा।

औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में होगी
शुक्रवार सुबह औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क परियोजना को लेकर बैठक होगी। बैठक में डीपीआर पर विस्तार से चर्चा होगी और यदि कोई आवश्यक संशोधन हुआ तो उस संशोधन के साथ डीपीआर को एप्रूव कर दिया जाएगा। एमएमएलपी की बैठक के अलावा दो अलग बैठकें और होंगी। इनमें से एक फिल्म सिटी को लेकर और दूसरा जेवर एयरपोर्ट से संबंधित है। यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-21 में प्रस्तावित फिल्म सिटी को लेकर होने वाली बैठक में टेंडर (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) प्रक्रिया पर मुहर लग सकती है। बैठक के बाद प्रस्ताव को कैबिनेट से पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। उसके बाद फिल्म सिटी के लिए टेंडर निकाले जाएंगे। दूसरी बैठक में एयरपोर्ट डेवलप करने वाली कंपनी के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। विकासकर्ता कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रालि एयर कार्गो के लिए अलग से एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) बनाना चाहती है। हालांकि इस प्रस्ताव को पहले प्रोजेक्ट मॉनिटिरिंग एंड इंप्लीमेंटेशन कमेटी द्वारा रद्द किया जा चुका है। ऐसे में अब शासन स्तर पर इस पर कोई फैसला लिया जाएगा।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी , यमुना प्राधिकरण
सरकार की विकास से संबंधित जो योजनाएं हैं उन पर तेजी से काम किया जा रहा है। बड़ी परियोजाओं के जल्द पूरा होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कई बड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर शुक्रवार को लखनऊ में बैठक होगी। एमएमएलपी परियोजना की बैठक औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में होगी। बैठक में लॉजिस्टिक पार्क की डीपीआर को लेकर चर्चा होगी। डीपीआर अनुमोदित होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिल्म सिटी और एयरपोर्ट से संबंधित अलग-अलग प्रस्तावों को लेकर भी बैठकें होगी।
डॉ. अरुणवीर सिंह
सीईओ
यमुना प्राधिकरण
















