-शादी सीजन में किसी भी प्रकार की अवैध शराब बर्दाश्त नहीं होगी: राजेश कुमार शर्मा
-उप आबकारी आयुक्त ने किया निरीक्षण और टीम की कार्रवाई की सराहना की, राजस्व में बढ़ोत्तरी पर भी दिया जोर
-शादी सीजन में आबकारी विभाग की सक्रियता: अवैध शराब पर सख्त नियंत्रण और राजस्व में बढ़ोत्तरी के लिए रात-दिन छापेमारी
-अवैध शराब की जड़ों पर प्रहार, दुकानों में रजिस्टर्ड ब्रांड सुनिश्चित, आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह और उनकी टीम की कार्यशैली सराही गई
उदय भूमि संवाददाता
रामपुर। शादी के सीजन में शराब की बढ़ती खपत और जिले में अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह से रोकने के लिए आबकारी विभाग ने दिन और रात दोनों समय सक्रियता दिखाना शुरू कर दी है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब उत्पादन को जड़ से खत्म करने के साथ ही आमजन को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने अपनी टीम के साथ मिलकर न केवल औचक निरीक्षण किया, बल्कि खुद भी ग्राहक बनकर दुकानों और ठेलों पर छापेमारी करते हुए अवैध गतिविधियों को रोकने में नेतृत्व भूमिका निभाई। उनकी टीम में आबकारी निरीक्षक नंदिनी यादव, अरविंद कुमार मिश्रा, प्रफुल्ल कुमार सिंह, संजय कुमार, राम आधार पाल और अनुपम सिंह शामिल हैं। शादी सीजन के दौरान शराब की खपत बढ़ जाती है, जिससे अवैध व्यापारियों के लिए यह अवसर बन जाता है। इसे देखते हुए आबकारी विभाग ने जिलेभर में दुकानों और थोक सप्लायर्स की गहन जांच शुरू कर दी है। सोमवार को उप आबकारी आयुक्त मुरादाबाद प्रभार राजेश कुमार शर्मा ने जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह के साथ आबकारी कार्यालय में बैठक की। बैठक में विभागीय अधिकारियों को क्षेत्रवार फुटकर मदिरा दुकानों द्वारा ली गई निकासी, उपलब्ध स्टॉक और दुकानों पर रजिस्टर्ड ब्रांड की उपलब्धता की समीक्षा के निर्देश दिए गए।
बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए गए कि किसी भी दुकान पर ओवर रेटिंग न हो और स्टॉक की निगरानी ऑनलाइन और सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से की जाए। इसके साथ ही देहात क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब निर्माण पर विशेष ध्यान देने के लिए टीम को हिदायत दी गई। गुप्त टेस्ट परचेजिंग और छापेमारी के दौरान टीम ने अनेक संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई और आवश्यक कार्रवाई की। आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह की सक्रियता और निर्णय क्षमता पूरे जिले में सराही जा रही है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का लक्ष्य केवल अवैध शराब पर अंकुश लगाना ही नहीं, बल्कि शादी सीजन में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक अनुशासन सुनिश्चित करना भी है। टीम ने केवल दुकानों की जांच ही नहीं की, बल्कि अवैध शराब के ठेकों और निर्माताओं तक पहुँचना भी सुनिश्चित किया। इसके लिए रात के समय छापेमारी की गई।
अधिकारियों ने अपने मुखबिर तंत्र का उपयोग करते हुए संदिग्ध स्थलों पर निगरानी रखी और आवश्यक कार्रवाई तुरंत सुनिश्चित की। इस अभियान का प्रभाव आबकारी विभाग के राजस्व पर भी पड़ा। दुकानों में रजिस्टर्ड ब्रांड की उपलब्धता बढ़ी, अवैध शराब की बिक्री पर नियंत्रण हुआ और जनता में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा। उप आबकारी आयुक्त राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि विभाग ने शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूरी सक्रियता और गंभीरता के साथ पूरा किया है। उन्होंने कहा कि अभियान केवल शादियों के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष में लगातार जारी रहेगा। सभी आबकारी निरीक्षकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में औचक निरीक्षण करें, सभी मदिरा दुकानों में रजिस्टर्ड ब्रांड की उपलब्धता सुनिश्चित करें और किसी भी अवैध शराब की बिक्री या वितरण पर तत्काल कार्रवाई करें।
किसी भी दुकान पर अधिक मात्रा में स्टॉक, ओवर रेटिंग या बाहरी राज्यों की अवैध शराब पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षक अपनी टीम के साथ मिलकर दिन और रात दोनों समय में छापेमारी करें। प्रत्येक निरीक्षण का रिकॉर्ड तैयार रखें और प्रत्येक घटना की रिपोर्ट मुझे तुरंत भेजें। हमारा उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं है, बल्कि जिले में सामाजिक अनुशासन बनाए रखना और विवाह समारोहों तथा सार्वजनिक स्थलों पर शराब से संबंधित किसी भी अनुचित गतिविधि को रोकना भी है। यह सुनिश्चित किया जाए कि शादी समारोह सुरक्षित, नियमानुसार और अनुशासित हों। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नियमों के अनुपालन की निगरानी सख्ती से की जाएगी। शादी सीजन में आबकारी विभाग की इस सक्रियता को आमजन ने भी सराहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी और उनकी टीम दिन-रात काम कर रहे हैं और इससे न केवल अवैध शराब पर नियंत्रण हुआ है, बल्कि शादी समारोह अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित भी हुए हैं। आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं है, बल्कि नागरिकों के लिए सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण बनाना भी है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि शादी समारोहों में शराब की कोई अवैध गतिविधि न हो और कानून का शासन प्रभावी ढंग से लागू रहे। हमारी टीम के समन्वय और सक्रियता से जिले में अवैध शराब के खिलाफ सख्त संदेश गया है। इस अभियान से यह स्पष्ट हो गया है कि आबकारी विभाग रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पूरी तैयारी के साथ खड़ा है। शादी सीजन में नागरिकों की सुरक्षा, विभागीय राजस्व और सामाजिक अनुशासन को बनाए रखने के लिए विभाग का यह अभियान मिसाल बन चुका है।

















