ठंड में राहत का केंद्र बने नगर निगम के रैन बसेरे, विद्यार्थियों को मिला सुरक्षित आश्रय

  • आदिवासी आवासीय विद्यालय, शिक्षक पात्रता और पुलिस भर्ती परीक्षा देने आए विद्यार्थियों को रैन बसेरों में सुरक्षित और स्वच्छ सुविधा
  • नगर निगम ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 15 स्थायी और 7 अस्थायी रैन बसेरे सुसज्जित किए
  • गर्म बिस्तर, अलाव, पेयजल, शौचालय और स्नानघर की सुविधाओं से छात्रों को मिली ठंड से राहत
  • जोनल प्रभारी और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा रात्रिकालीन निरीक्षण और सतत मॉनिटरिंग जारी
  • विद्यार्थियों और राहगीरों ने नगर निगम की सुव्यवस्थित और सुरक्षित व्यवस्थाओं की सराहना की

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बढ़ती ठंड के बीच गाजियाबाद नगर निगम द्वारा संचालित रैन बसेरे न केवल निराश्रितों और राहगीरों के लिए राहत का केंद्र बने, बल्कि दूर-दराज के जिलों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं देने आए छात्र-छात्राओं के लिए भी ठहराव और तैयारी का मजबूत सहारा साबित हुए। मेरठ, आगरा, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, बिजनौर सहित अनेक जनपदों से आदिवासी आवासीय विद्यालय परीक्षा, शिक्षक पात्रता परीक्षा तथा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित दिल्ली पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने आए विद्यार्थियों ने नगर निगम के आश्रय स्थलों में रात्रि विश्राम कर राहत महसूस की।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशों के क्रम में ठंड को देखते हुए गाजियाबाद नगर निगम द्वारा शहरभर में रैन बसेरों की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। नगर निगम द्वारा कुल 15 स्थायी तथा 7 अस्थायी रैन बसेरों को पूरी तरह व्यवस्थित किया गया है। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन, साहिबाबाद रेलवे स्टेशन, बस अड्डों एवं अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर बनाए गए इन आश्रय स्थलों में ठहरने वाले लोगों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

रैन बसेरों में गर्म बिस्तरों, साफ-सुथरे पलंगों की व्यवस्था के साथ पेयजल, शौचालय, स्नानघर, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा ठंड से बचाव के लिए अलाव की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन्हीं सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं को देखते हुए बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने नगर निगम द्वारा संचालित आश्रय स्थलों में रात्रि विश्राम किया और शांत वातावरण में आगामी परीक्षा की तैयारी की। विद्यार्थियों की परीक्षाएं गाजियाबाद के एमएमएच कॉलेज, वसुंधरा सेक्टर-13 स्थित महाविद्यालयों तथा अन्य विद्यालयों में आयोजित की गई थीं। ऐसे में रेलवे स्टेशन एवं बस अड्डों के समीप बने नगर निगम के रैन बसेरे छात्र-छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुए। वहीं नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी,जोनल प्रभारी समेत अन्य अधिकारी रात्रिकालीन निरीक्षण करते हुए लगातार मॉनिटरिंग से रैन बसेरों में व्यवस्थाओं का जायजा भी ले रहे हैं,ताकि इनमें आश्रय लेने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

विद्यार्थियों ने बताया कि निजी होटल अथवा धर्मशालाओं की तुलना में रैन बसेरों में उन्हें अधिक सुरक्षा, स्वच्छता और अनुशासित वातावरण प्राप्त हुआ। नगर निगम की इन व्यवस्थाओं की छात्र-छात्राओं द्वारा खुले मन से प्रशंसा की गई। विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया गया। रात्रिकाल में भी जोनल प्रभारी टीमों के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निरंतर निरीक्षण किया गया। शौचालय एवं स्नानघर की स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था तथा अलाव की निगरानी स्वयं अधिकारियों द्वारा की जाती रही। आगरा से आई छात्रा बबली कुमारी, फिरोजाबाद से आए छात्र विशाल और ऋषभ सहित अनेक विद्यार्थियों ने रैन बसेरों में रात्रि विश्राम कर नगर निगम की व्यवस्थाओं को सराहा और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

विद्यार्थियों ने बताया कि कड़ाके की ठंड में इस प्रकार की सुव्यवस्थित और सुरक्षित सुविधा मिलना उनके लिए अत्यंत सहायक रहा। नगर आयुक्त द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि आश्रय स्थलों की सभी व्यवस्थाएं लगातार सुचारु बनी रहें तथा सुरक्षा की दृष्टि से रात्रिकालीन निगरानी और अधिक सख्त की जाए। दूर-दराज से गाजियाबाद आने वाले परीक्षार्थियों, राहगीरों और निराश्रितों के लिए नगर निगम के आश्रय स्थल हर दृष्टि से सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए गए हैं। कुल मिलाकर, कड़ाके की ठंड में गाजियाबाद नगर निगम द्वारा की गई यह पहल प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का सशक्त उदाहरण है। कुशल नेतृत्व और सतत निगरानी के चलते नगर निगम के रैन बसेरे जरूरतमंदों और विद्यार्थियों दोनों के लिए भरोसेमंद आश्रय स्थल बनकर सामने आए हैं।