जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण की जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे 4 हजार करोड़ रुपये

यमुना प्राधिकरण ने अपने अंश का 400 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को सौंपा
उदय भूमि ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण की जमीन अधिग्रहण पर लगभग 4000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जेवर एयरपोर्ट प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है और काफी तेजी से इस परियोजना पर काम चल रहा है। यमुना प्राधिकरण और नियाल के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह एयरपोर्ट निर्माण की प्रगति पर लगातार नजर रख रहे हैं और वह डे-टू-डे वर्क प्रोगरेस की रिपोर्ट लेते हैं। इसी कड़ी में अब एयरपोर्ट के दूसरे चरण के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण की कवायद तेज कर दी गई है। एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण पर जो भी खर्च आएगा उसे सभी स्टेक होल्डर को मिलकर वहन करना है। पैसा प्रदेश सरकार और गौतमबुद्धनगर की तीनों औद्योगिक विकास प्राधिकरण मिलकर कर देंगे। यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अपने हिस्से का करीब 400 करोड़ रुपए जमीन अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन को दे दिए हैं अन्य प्राधिकरण भी जल्द ही पैसा देंगे ताकि अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए 1365 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। इसमें से 1181 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा। बाकी जमीन सरकारी है, जिसका पुर्नग्रहण हो गया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) में 4 अंशधारक हैं। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार का नागरिक उड्डयन विभाग और नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना प्राधिकरण शामिल हैं। जमीन अधिग्रहण और पुनर्वास पर जो पैसा खर्च होगा, चारों अंशधारक मिलकर इसे वहन करेंगे। दूसरे चरण में 3913 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यमुना प्राधिकरण को अपने हिस्से के रूप में 489 करोड़ रुपए देने हैं। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुण वीर सिंह ने बताया कि सोमवार को 250 करोड़ रुपए जिला प्रशासन को भेजे गए हैं। करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपए पहले दिए जा चुके हैं। बचा हुआ पैसा भी जल्द जारी कर दिया जाएगा।